📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / kowarski
मनोरंजन
रोलिंग स्टोन इंडिया ने भारतीय जैज़ की यात्रा को उजागर किया
✍️ Rolling Stone India
🗓 28 अग. 2026, 11:47 AM
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रोलिंग स्टोन इंडिया के नवीनतम "जैज़ कॉर्नर" में भारतीय जैज़ के विकास, प्रमुख कलाकारों और महत्वपूर्ण चरणों को दर्शाया गया है।
रोलिंग स्टोन इंडिया ने "जैज़ कॉर्नर" नामक एक विशेष खंड प्रकाशित किया है, जिसमें भारत में जैज़ के इतिहासिक विकास को दर्शाया गया है। इस रिपोर्ट में उपनिवेश काल में इस शैली के प्रवेश, भारतीय संगीतकारों द्वारा उसका अनुकूलन और आज की जीवंत स्थिति की चर्चा की गई है।
लेख में 1930 के दशक में ब्रिटिश और अमेरिकी सैनिकों के माध्यम से शुरुआती परिचय, 1950 के दशक में बॉम्बे के नाइटक्लबों का उभार, तथा लुईस बैंक्स, रंजीत बरोट और शंकर महादेवन जैसे अग्रणी कलाकारों का उल्लेख है, जिन्होंने भारतीय शास्त्रीय ध्वनियों को जैज़ की इम्प्रोवाइज़ेशन के साथ मिलाया।
हाल के रुझानों में दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में जैज़ महोत्सवों का विस्तार और युवा बैंडों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक व फ्यूजन तत्वों का प्रयोग शामिल है। कई संगीतकारों के साक्षात्कार से पता चलता है कि स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म और अंतरराष्ट्रीय सहयोग ने ध्वनि को नया रूप दिया है।
रोलिंग स्टोन इंडिया भारतीय जैज़ को सांस्कृतिक मिश्रण का उदाहरण मानते हुए कहता है कि भविष्य में भी यह शैली परंपरा और नवाचार के संतुलन से आगे बढ़ेगी।
लेख में 1930 के दशक में ब्रिटिश और अमेरिकी सैनिकों के माध्यम से शुरुआती परिचय, 1950 के दशक में बॉम्बे के नाइटक्लबों का उभार, तथा लुईस बैंक्स, रंजीत बरोट और शंकर महादेवन जैसे अग्रणी कलाकारों का उल्लेख है, जिन्होंने भारतीय शास्त्रीय ध्वनियों को जैज़ की इम्प्रोवाइज़ेशन के साथ मिलाया।
हाल के रुझानों में दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में जैज़ महोत्सवों का विस्तार और युवा बैंडों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक व फ्यूजन तत्वों का प्रयोग शामिल है। कई संगीतकारों के साक्षात्कार से पता चलता है कि स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म और अंतरराष्ट्रीय सहयोग ने ध्वनि को नया रूप दिया है।
रोलिंग स्टोन इंडिया भारतीय जैज़ को सांस्कृतिक मिश्रण का उदाहरण मानते हुए कहता है कि भविष्य में भी यह शैली परंपरा और नवाचार के संतुलन से आगे बढ़ेगी।