📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Asbchoudhary9
स्वास्थ्य
आरएमएससीएल की लापरवाही से राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में दवा संकट
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 13 अक्टू. 2026, 02:45 PM
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राजस्थान मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन लिमिटेड में दवा खरीद और गुणवत्ता जांच में अनियमितताओं के कारण सरकारी अस्पतालों में दवा संकट बढ़ा, मरीजों को अमानक दवाएं दी गईं।
जयपुर, 13 अक्टूबर 2026 – राजस्थान मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन लिमिटेड (आरएमएससीएल) में दवा खरीद और गुणवत्ता जांच के प्रक्रियाओं में गंभीर लापरवाही पाई गई है, जिससे राज्य के सरकारी अस्पतालों में मौजूदा दवा संकट और बढ़ गया है।
जांच में यह उजागर हुआ कि कई खरीद आदेश उचित टेंडर प्रक्रिया के बिना जारी किए गए, तथा आपूर्ति की गई दवाओं की गुणवत्ता जांच को अनदेखा किया गया। परिणामस्वरूप कई सार्वजनिक अस्पतालों को ऐसी दवाएं मिलीं जो नियत मानकों पर खरी नहीं उतरीं, जिससे मरीजों को अमानक दवाएं दी गईं।
विभिन्न जिलों के रोगियों ने ऐसी दवाओं के कारण उपचार में कमी या प्रतिकूल प्रभावों की शिकायत की, जिससे अस्पताल प्रबंधन और राज्य स्वास्थ्य मंत्रालय को शिकायतें मिलीं। अस्पताल अधिकारियों ने बताया कि वे आपातकालीन ऑडिट कर रहे हैं और मान्य दवाओं की आपूर्ति बहाल करने के लिए वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं की तलाश कर रहे हैं।
राज्य सरकार ने कहा है कि वह आरएमएससीएल के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी और भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो, इसके लिए सभी खरीद अनुबंधों की व्यापक समीक्षा का आदेश दिया है।
जांच में यह उजागर हुआ कि कई खरीद आदेश उचित टेंडर प्रक्रिया के बिना जारी किए गए, तथा आपूर्ति की गई दवाओं की गुणवत्ता जांच को अनदेखा किया गया। परिणामस्वरूप कई सार्वजनिक अस्पतालों को ऐसी दवाएं मिलीं जो नियत मानकों पर खरी नहीं उतरीं, जिससे मरीजों को अमानक दवाएं दी गईं।
विभिन्न जिलों के रोगियों ने ऐसी दवाओं के कारण उपचार में कमी या प्रतिकूल प्रभावों की शिकायत की, जिससे अस्पताल प्रबंधन और राज्य स्वास्थ्य मंत्रालय को शिकायतें मिलीं। अस्पताल अधिकारियों ने बताया कि वे आपातकालीन ऑडिट कर रहे हैं और मान्य दवाओं की आपूर्ति बहाल करने के लिए वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं की तलाश कर रहे हैं।
राज्य सरकार ने कहा है कि वह आरएमएससीएल के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी और भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो, इसके लिए सभी खरीद अनुबंधों की व्यापक समीक्षा का आदेश दिया है।