📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office, Government of India
राजनीति
रियो और पीएसी प्रतिनिधिमंडल ने नागालैंड के राज्यपाल से नागा शांति वार्ता को तेज करने के लिए मुलाकात की
✍️ Hub News
🗓 03 सित. 2026, 03:32 PM
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रियो और पीएसी के सदस्यों ने नागालैंड के राज्यपाल से मिलकर ठहराव पर पड़े नागा शांति प्रक्रिया को फिर से गति देने पर चर्चा की।
नई दिल्ली – वरिष्ठ राजनेता रियो ने पार्लियामेंटरी एडवाइज़री कमेटी (पीएसी) के सदस्यों के साथ मिलकर कोहिमा में नागालैंड के राज्यपाल प्रो. आर.एन. रवी से मुलाकात की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भारतीय सरकार और नागा विद्रोही समूहों के बीच ठहराव पर पड़े शांति वार्ता को फिर से गति देना था।
दोनों पक्षों ने हाल ही में हुए भरोसे को बढ़ाने वाले कदमों, जैसे राजनीतिक कैदियों की रिहाई और संयुक्त निगरानी तंत्र की स्थापना को सराहा। रियो ने एक स्पष्ट रोडमैप की आवश्यकता पर ज़ोर दिया और राज्यपाल से नागा नेताओं के साथ सीधे संवाद को सुविधाजनक बनाने की अपील की।
राज्यपाल ने केंद्र सरकार की शांति समाधान के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई और गृह मंत्रालय के साथ समन्वय करके किसी भी समझौते को शीघ्र लागू करने का आश्वासन दिया। विश्लेषकों ने कहा कि यह मुलाकात उत्तरपूर्व में दशकों से चल रहे संघर्ष को सुलझाने की नई राजनीतिक इच्छा को दर्शाती है।
नागरिक समाज और स्थानीय समुदायों के प्रतिनिधि इस बैठक में शामिल नहीं थे, पर पीएसी के सदस्य भविष्य में व्यापक प्रतिनिधित्व को शामिल करने की योजना बना रहे हैं ताकि शांति प्रक्रिया की गति बनी रहे।
बैठक के परिणाम को नीति ब्रीफ़ में परिलक्षित होने की उम्मीद है और यह 2015 के फ्रेमवर्क एग्रीमेंट के बाद नागा शांति ढांचे के अगले चरण को आकार दे सकता है।
दोनों पक्षों ने हाल ही में हुए भरोसे को बढ़ाने वाले कदमों, जैसे राजनीतिक कैदियों की रिहाई और संयुक्त निगरानी तंत्र की स्थापना को सराहा। रियो ने एक स्पष्ट रोडमैप की आवश्यकता पर ज़ोर दिया और राज्यपाल से नागा नेताओं के साथ सीधे संवाद को सुविधाजनक बनाने की अपील की।
राज्यपाल ने केंद्र सरकार की शांति समाधान के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई और गृह मंत्रालय के साथ समन्वय करके किसी भी समझौते को शीघ्र लागू करने का आश्वासन दिया। विश्लेषकों ने कहा कि यह मुलाकात उत्तरपूर्व में दशकों से चल रहे संघर्ष को सुलझाने की नई राजनीतिक इच्छा को दर्शाती है।
नागरिक समाज और स्थानीय समुदायों के प्रतिनिधि इस बैठक में शामिल नहीं थे, पर पीएसी के सदस्य भविष्य में व्यापक प्रतिनिधित्व को शामिल करने की योजना बना रहे हैं ताकि शांति प्रक्रिया की गति बनी रहे।
बैठक के परिणाम को नीति ब्रीफ़ में परिलक्षित होने की उम्मीद है और यह 2015 के फ्रेमवर्क एग्रीमेंट के बाद नागा शांति ढांचे के अगले चरण को आकार दे सकता है।