📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Xufanc
राजनीति
आरक्षण लॉटरी ने बांसवाड़ा नगर परिषद की राजनीति बदली, पहली बार एसटी सभापति चुने जाएंगे
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 25 अग. 2026, 10:32 AM
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आरक्षण लॉटरी ने बांसवाड़ा नगर परिषद की सियासत बदल दी है; पिछले छह चुनावों में कोई पूर्व प्रमुख दोबारा नहीं जीत पाया और अब पहली बार एसटी वर्ग का सभापति चुना जाएगा।
बांसवाड़ा नगर परिषद में हाल ही में लागू की गई आरक्षण लॉटरी ने स्थानीय राजनीति में बड़ा बदलाव किया है। इस लॉटरी ने सभापति पद को अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग को आवंटित किया है, जिससे पहले न देखी गई प्रतिस्पर्धा उत्पन्न हुई है।
पिछले छह चुनावों में कोई भी पूर्व परिषद प्रमुख दोबारा सीट नहीं जीत पाया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि मतदाता लगातार परिवर्तन को प्राथमिकता देते आए हैं। यह प्रवृत्ति परिषद की अस्थिर राजनीतिक गतिशीलता को दर्शाती है।
इस बार पहली बार एसटी वर्ग के उम्मीदवार को सभापति पद के लिए प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि आरक्षण के कारण इस चुनाव में अभियान तेज़ होगा और नगर परिषद के भीतर गठबंधन पुनः परिभाषित हो सकते हैं।
पिछले छह चुनावों में कोई भी पूर्व परिषद प्रमुख दोबारा सीट नहीं जीत पाया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि मतदाता लगातार परिवर्तन को प्राथमिकता देते आए हैं। यह प्रवृत्ति परिषद की अस्थिर राजनीतिक गतिशीलता को दर्शाती है।
इस बार पहली बार एसटी वर्ग के उम्मीदवार को सभापति पद के लिए प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि आरक्षण के कारण इस चुनाव में अभियान तेज़ होगा और नगर परिषद के भीतर गठबंधन पुनः परिभाषित हो सकते हैं।