📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Anchal lilhare
धर्म
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती में बाबा महाकाल का राजसी पंचामृत अभिषेक
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 07 नव. 2026, 08:17 AM
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शनिवार सुबह 4 बजे, भस्म आरती के दौरान पुजारीयों ने बाबा महाकाल पर पंचामृत अभिषेक कर उन्हें राजसी रूप में सजाया।
उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार सुबह 4 बजे भस्म आरती के साथ एक विशेष पंचामृत अभिषेक किया गया। पुजारीयों ने दूध, दही, शहद, घी और शक्कर का मिश्रण बाबा महाकाल की मूर्ति पर छिड़का, जिससे देवता का राजसी रूप उभरा। यह अनुष्ठान मंदिर के दैनिक पूजा क्रम का हिस्सा है और ज्योतिर्लिंग की शुद्धि व सम्मान के लिए किया जाता है।
भक्तों ने मंदिर के प्रांगण में इकट्ठा होकर “जय श्री महाकाल” के जयकारे के साथ इस पवित्र समारोह को देखा। सुबह के समय को आध्यात्मिक रूप से शुभ माना जाता है, इसलिए यह अनुष्ठान विशेष महत्व रखता है।
महाकालेश्वर मंदिर शिप्रा नदी के किनारे स्थित है और देश भर से तीर्थयात्रियों को आकर्षित करता है। विस्तृत पंचामृत अभिषेक मंदिर की परम्पराओं को जीवित रखने और भक्तों को दृश्य सौंदर्य प्रदान करने का एक तरीका है।
समारोह के अंत में पवित्र बिस्मर की प्रसाद वितरण किया गया, जिससे उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए इस प्रातःकालीन पूजा का आध्यात्मिक महत्व और भी बढ़ गया।
भक्तों ने मंदिर के प्रांगण में इकट्ठा होकर “जय श्री महाकाल” के जयकारे के साथ इस पवित्र समारोह को देखा। सुबह के समय को आध्यात्मिक रूप से शुभ माना जाता है, इसलिए यह अनुष्ठान विशेष महत्व रखता है।
महाकालेश्वर मंदिर शिप्रा नदी के किनारे स्थित है और देश भर से तीर्थयात्रियों को आकर्षित करता है। विस्तृत पंचामृत अभिषेक मंदिर की परम्पराओं को जीवित रखने और भक्तों को दृश्य सौंदर्य प्रदान करने का एक तरीका है।
समारोह के अंत में पवित्र बिस्मर की प्रसाद वितरण किया गया, जिससे उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए इस प्रातःकालीन पूजा का आध्यात्मिक महत्व और भी बढ़ गया।