📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Soham Banerjee
बिज़नेस
रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया इस हफ्ते करेगा CPI और WPI डेटा जारी, बाजार नेत्र रखेगा मुद्रास्फीति पर
✍️ Business Standard
🗓 10 अग. 2026, 02:37 PM
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रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया इस हफ्ते उपभोक्ता मूल्य सूचकांक और थोक मूल्य सूचकांक जारी करेगा, जिससे नीति निर्माताओं और निवेशकों को मुद्रास्फीति के दबाव का आकलन करने में मदद मिलेगी।
रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) गुरुवार को अक्टूबर माह का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) और शुक्रवार को उसी माह का थोक मूल्य सूचकांक (WPI) प्रकाशित करेगा। इन रिपोर्टों पर नीति निर्माताओं और निवेशकों द्वारा गहन निगरानी की जाएगी क्योंकि ये खुदरा और थोक मुद्रास्फीति के रुझान को दर्शाती हैं।
हाल के हफ्तों में, प्रमुख मुद्रास्फीति लगभग 5.5% पर स्थिर रही है, जबकि मूल मुद्रास्फीति थोड़ा कम है। CPI डेटा से यह पता चलेगा कि उपभोक्ता कीमतों पर दबाव कम हुआ है या नहीं, जबकि WPI थोक स्तर पर मूल्य परिवर्तनों की जानकारी देगा।
RBI की मौद्रिक नीति समिति ने संकेत दिया है कि वह रिपो दर को तब तक स्थिर रखेगी जब तक कि मुद्रास्फीति 4% के लक्ष्य के नीचे स्थायी रूप से न रहे। इसलिए आगामी डेटा समिति की अगली बैठक के एजेंडा को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
निवेशक इन रिलीज़ों को RBI के रुख में किसी भी बदलाव के संकेत के रूप में देख रहे हैं। नरम CPI से ब्याज दर में 0.25% की वृद्धि की संभावना कम हो सकती है, जबकि उच्च WPI केंद्रीय बैंक को सतर्क दृष्टिकोण बनाए रखने के लिए प्रेरित कर सकता है।
बाजार ने पहले ही अगले नीति बैठक में 0.25% दर वृद्धि की मामूली उम्मीद को कीमत में शामिल कर लिया है, लेकिन CPI और WPI के आंकड़े यह तय करेंगे कि वह अपेक्षा बनी रहेगी या समायोजित करनी पड़ेगी।
हाल के हफ्तों में, प्रमुख मुद्रास्फीति लगभग 5.5% पर स्थिर रही है, जबकि मूल मुद्रास्फीति थोड़ा कम है। CPI डेटा से यह पता चलेगा कि उपभोक्ता कीमतों पर दबाव कम हुआ है या नहीं, जबकि WPI थोक स्तर पर मूल्य परिवर्तनों की जानकारी देगा।
RBI की मौद्रिक नीति समिति ने संकेत दिया है कि वह रिपो दर को तब तक स्थिर रखेगी जब तक कि मुद्रास्फीति 4% के लक्ष्य के नीचे स्थायी रूप से न रहे। इसलिए आगामी डेटा समिति की अगली बैठक के एजेंडा को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
निवेशक इन रिलीज़ों को RBI के रुख में किसी भी बदलाव के संकेत के रूप में देख रहे हैं। नरम CPI से ब्याज दर में 0.25% की वृद्धि की संभावना कम हो सकती है, जबकि उच्च WPI केंद्रीय बैंक को सतर्क दृष्टिकोण बनाए रखने के लिए प्रेरित कर सकता है।
बाजार ने पहले ही अगले नीति बैठक में 0.25% दर वृद्धि की मामूली उम्मीद को कीमत में शामिल कर लिया है, लेकिन CPI और WPI के आंकड़े यह तय करेंगे कि वह अपेक्षा बनी रहेगी या समायोजित करनी पड़ेगी।