📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Soham Banerjee
बिज़नेस
आरबीआई ने 13 एनबीएफसी की पंजीकरण रद्द, 11 पश्चिम बंगाल में
✍️ LatestLY
🗓 09 अक्टू. 2026, 08:32 PM
👁 19
रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने 13 एनबीएफसी की पंजीकरण रद्द कर दी है, जिनमें से 11 पश्चिम बंगाल में स्थित थीं, नियामक उल्लंघन के कारण।
रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (आरबीआई) ने हाल ही में एक नियामक कार्रवाई में 13 गैर‑बैंक वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) की पंजीकरण रद्द कर दी है। यह कदम उन कंपनियों के लगातार नियामक मानदंडों का पालन न करने के बाद उठाया गया।
रद्द की गई कंपनियों में से 11 पश्चिम बंगाल में कार्यरत थीं, जबकि बाकी दो विभिन्न राज्यों में स्थित थीं। आरबीआई ने पूँजी पर्याप्तता, रिपोर्टिंग मानकों और शासन संबंधी आवश्यकताओं में उल्लंघन का उल्लेख किया।
पंजीकरण रद्द होने के बाद इन एनबीएफसी को तुरंत सभी नियामक गतिविधियों को बंद करना होगा और ग्राहकों के जमा या निवेश की वापसी करनी होगी। आरबीआई ने प्रभावित ग्राहकों से संपर्क कर रिफंड लेने की सलाह दी है और बिना लाइसेंस के संचालन जारी रखने पर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम एनबीएफसी क्षेत्र में नियामक निगरानी को कड़ा करने की दिशा में आरबीआई की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ तेज़ी से विस्तार हुआ है। वित्तीय स्थिरता और जमा धारकों के हितों की रक्षा के लिए यह कदम आवश्यक माना गया है।
रद्द की गई कंपनियों में से 11 पश्चिम बंगाल में कार्यरत थीं, जबकि बाकी दो विभिन्न राज्यों में स्थित थीं। आरबीआई ने पूँजी पर्याप्तता, रिपोर्टिंग मानकों और शासन संबंधी आवश्यकताओं में उल्लंघन का उल्लेख किया।
पंजीकरण रद्द होने के बाद इन एनबीएफसी को तुरंत सभी नियामक गतिविधियों को बंद करना होगा और ग्राहकों के जमा या निवेश की वापसी करनी होगी। आरबीआई ने प्रभावित ग्राहकों से संपर्क कर रिफंड लेने की सलाह दी है और बिना लाइसेंस के संचालन जारी रखने पर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम एनबीएफसी क्षेत्र में नियामक निगरानी को कड़ा करने की दिशा में आरबीआई की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ तेज़ी से विस्तार हुआ है। वित्तीय स्थिरता और जमा धारकों के हितों की रक्षा के लिए यह कदम आवश्यक माना गया है।