📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Finance of India
बिज़नेस
आरबीआई प्रमुख चेतावनी: यूएस व्यापार समझौता न हो पाना भारत को नुकसान, नई एफ़टीए से टैरिफ़ असर घटेगा
✍️ The Hindu
🗓 08 अक्टू. 2026, 06:09 AM
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आरबीआई गवर्नर शाक्तिकांत दास ने कहा कि यूएस‑भारत व्यापार समझौते में देरी से भारतीय अर्थव्यवस्था को नुकसान हो सकता है, पर नई मुक्त व्यापार समझौते टैरिफ़ के प्रभाव को कम कर सकते हैं।
आरबीआई गवर्नर शाक्तिकांत दास ने हाल ही में कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ व्यापार समझौता न हो पाने से भारत की आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि इस देरी से भारतीय निर्यातकों पर टैरिफ़ का बोझ बढ़ सकता है और व्यापार संतुलन प्रभावित हो सकता है।
दास ने यह भी कहा कि अन्य देशों के साथ हाल में किए गए मुक्त व्यापार समझौते इस संभावित नुकसान को कम करने में मदद करेंगे। ये समझौते वैकल्पिक बाजार पहुंच प्रदान करेंगे और टैरिफ़ के शॉक को घटा सकते हैं।
इन टिप्पणियों का समय ऐसा है जब दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार ढाँचे पर वार्ता जारी है, जो भारत की मौद्रिक नीति और विकास रणनीतियों में बाहरी व्यापार की भूमिका को रेखांकित करता है।
दास ने यह भी कहा कि अन्य देशों के साथ हाल में किए गए मुक्त व्यापार समझौते इस संभावित नुकसान को कम करने में मदद करेंगे। ये समझौते वैकल्पिक बाजार पहुंच प्रदान करेंगे और टैरिफ़ के शॉक को घटा सकते हैं।
इन टिप्पणियों का समय ऐसा है जब दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार ढाँचे पर वार्ता जारी है, जो भारत की मौद्रिक नीति और विकास रणनीतियों में बाहरी व्यापार की भूमिका को रेखांकित करता है।