📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Original: Arpan.basuchowdhury
Derivative work: A
धर्म
छत्तीसगढ़ में रामनामी समुदाय ने अपने शरीर को राम का मंदिर घोषित किया
✍️ The Times of India
🗓 08 अक्टू. 2026, 04:31 AM
👁 17
छत्तीसगढ़ के कई गांवों में रामनामी समुदाय ने अपने शरीर को राम का जीवित मंदिर मानना शुरू कर दिया है।
छत्तीसगढ़ के कई गांवों में रामनामी समुदाय के अनुयायियों ने अपने शरीर को राम का मंदिर मानने की घोषणा की है। यह घोषणा एक स्थानीय सभा में की गई, जहाँ उन्होंने बताया कि मानव शरीर को प्रत्यक्ष पूजा स्थल बनाया जाएगा।
समुदाय के सदस्य बताते हैं कि अपने शरीर को पवित्र मानकर वे भक्ति को अपने भीतर समाहित करना चाहते हैं और हर दिन भगवान की उपासना अपने आप पर ही करेंगे। वे दैनिक प्रार्थना और अनुष्ठान अपने शरीर पर करेंगे, जिससे अलग मंदिर की आवश्यकता नहीं रहेगी।
स्थानीय लोगों ने कहा कि यह पहल व्यक्तिगत आस्था का अभिव्यक्ति है और किसी आधिकारिक धार्मिक संस्था से जुड़ी नहीं है। समुदाय इस कदम से अपने सदस्यों में आध्यात्मिक चिंतन को बढ़ावा देना चाहता है, जबकि यह एक निजी श्रद्धा कार्य बना रहेगा।
समुदाय के सदस्य बताते हैं कि अपने शरीर को पवित्र मानकर वे भक्ति को अपने भीतर समाहित करना चाहते हैं और हर दिन भगवान की उपासना अपने आप पर ही करेंगे। वे दैनिक प्रार्थना और अनुष्ठान अपने शरीर पर करेंगे, जिससे अलग मंदिर की आवश्यकता नहीं रहेगी।
स्थानीय लोगों ने कहा कि यह पहल व्यक्तिगत आस्था का अभिव्यक्ति है और किसी आधिकारिक धार्मिक संस्था से जुड़ी नहीं है। समुदाय इस कदम से अपने सदस्यों में आध्यात्मिक चिंतन को बढ़ावा देना चाहता है, जबकि यह एक निजी श्रद्धा कार्य बना रहेगा।