मनोरंजन
रामलीला के दूसरे दिन राम जन्म व भजन जैमिंग कार्यक्रम से अयोध्या में खुशी की लहर।
Rajesh mandal
श्रीराम मित्र मण्डल नोएडा द्वारा सेक्टर-62 के रामलीला मैदान में आयोजित रामलीला मंचन के दूसरे दिन मुख्य अतिथि श्री देवदत्त शर्मा जी (पूर्व चेयरमैन, नोएडा प्राधिकरण), श्रीमती शालिनी सिंह जी (अध्यक्ष, एनसीएफ),श्री सत्यनारायण गोयल जी, श्री राकेश शर्मा जी, श्री नीरज शर्मा जी (आर. डब्ल्यू. ए., सेक्टर 55), श्री राजीव त्यागी जी (एडवोकेट, बीजेपी), डॉक्टर बी.के. गुप्ता जी (सुमित्रा अस्पताल) ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर लीला का शुभारंभ किया।श्रीराम मित्र मंडल नोएडा रामलीला समिति के चेयरमैन उमाशंकर गर्ग,अध्यक्ष धर्मपाल गोयल एवं महासचिव डॉ॰मुन्ना कुमार शर्मा द्वारा मुख्य अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर और अंगवस्त्र ओढ़ाकर स्वागत किया गया।
प्रथम दृश्य में रावण और अन्य राक्षसों के अत्याचार से कराह रही पृथ्वी को अत्याचार मुक्त करने के हेतु देवतागण भगवान विष्णु से अवतार लेने की प्रार्थना करते हैं। राजा दशरथ के संतान न होने के कारण अपने कुलगुरु वशिष्ठ जी के पास जाना, वशिष्ठ जी द्वारा श्रृंगी ऋषि द्वारा शुभ पुत्र कामेष्ठि यज्ञ करवाना। यज्ञ कुंड से अग्नि देवता का प्रकट होकर खीर प्रदान करना। राजा दशरथ द्वारा तीनों रानियों कौशल्या, कैकई और सुमित्रा को खीर प्रदान करना और खीर खाकर तीनों रानियों का गर्भवती होने की लीला हुई।
भगवान राम के साथ तीनों भाईयों के जन्म लेते ही राजा दशरथ और रानी कौशल्या बड़े ही उत्साहित थे। अयोध्या में चारों ओर बधाई गान गाए गए। कौशल्या जायो लल्ला, अवध में मचो हल्ला, अवध में जनमे रघराई, कौशल्या रानी दे दो बधाई।
राम जन्म के बाद गायक गगन राठौर जी व उनकी मंडली द्वारा भजन जेमिंग का कार्यक्रम किया गया। सभी आयु वर्ग के श्रद्धालु उनके मनमोहक भजनों व भक्ति स्वरों में लीन हो गए।
बाल स्वरूप भगवान राम से मिलने भगवान शिव जी योगी का भेष बनाकर आते हैं और इसके बाद चारों भाइयों का नाम करण गुरू वशिष्ठ द्वारा किया जाता है। तत्पश्चात भगवान राम,लक्ष्मण,भरत, शत्रुघन गुरु वशिष्ठ के आश्रम में शिक्षा दीक्षा के प्रस्थान करते हैं।भगवान राम की बाल लीला का मंचन देख दर्शक मंत्र मुग्ध हो जाते हैं।
अगले दृश्य में विश्वामित्र का राजा दशरथ के दरबार में आगमन होता है और वह अपने यज्ञ की राक्षशों से रक्षा के लिए श्री राम और लक्ष्मण जी को साथ ले जाने के लिए कहते हैं। वशिष्ठ जी के समझाने पर दशरथ जी राम लक्ष्मण को विश्वामित्र के साथ भेज देते हैं। रास्ते में जाते समय विश्वामित्र भगवान राम को राक्षसी ताड़का, मारीच और सुबाहु को दिखाते हैं। ताड़का, मारीच एवं सुबाहु विश्वामित्र जी, श्री राम जी व लक्ष्मण जी के पर आक्रमण कर देते है ।भगवान राम धनुष उठाकर सुबाहु और तड़का का वध कर देते हैं और मारीच को दूर दक्षिण किनारे समुद्र में फेंक देते हैं।
भगवान की आरती के साथ दूसरे दिन की रामलीला का समापन होता है।
अध्यक्ष धर्मपाल गोयल जी ने बताया कि कल 13 अक्टूबर को जनकपुर बाज़ार, ऋषि विश्वामित्र के आश्रम में जनक दूत का आगमन, पुष्प वाटिका में राम सीता साक्षात्कार एवं गौरी पूजन आदि लीलाओं का मंचन किया जायेगा। इस अवसर पर समिति के कार्यकारी अध्यक्ष राजकुमार गर्ग,कोषाध्यक्ष राजेन्द्र गर्ग, सलाहकार मनोज शर्मा, सह-कोषाध्यक्ष अनिल गोयल,चौधरी रविन्द्र सिंह,पवन गोयल, बजरंग लाल गुप्ता, एस एम गुप्ता, गौरव मेहरोत्रा, मुकेश गोयल, मुकेश अग्रवाल, मनोज शर्मा, मीडिया प्रभारी मुकेश गुप्ता, गिरिराज बहेडिया, चक्रपाणि गोयल, राजेश माथुर, सुधीर पोरवाल, अर्जुन अरोड़ा, आर के उप्रेती, दीपक अग्रवाल, दयानंद तिवारी सहित श्रीराम मित्र मंडल नोएडा रामलीला समिति के सदस्यगण व शहर के गणमान्य व्यक्ति उपस्तिथ रहे।
प्रथम दृश्य में रावण और अन्य राक्षसों के अत्याचार से कराह रही पृथ्वी को अत्याचार मुक्त करने के हेतु देवतागण भगवान विष्णु से अवतार लेने की प्रार्थना करते हैं। राजा दशरथ के संतान न होने के कारण अपने कुलगुरु वशिष्ठ जी के पास जाना, वशिष्ठ जी द्वारा श्रृंगी ऋषि द्वारा शुभ पुत्र कामेष्ठि यज्ञ करवाना। यज्ञ कुंड से अग्नि देवता का प्रकट होकर खीर प्रदान करना। राजा दशरथ द्वारा तीनों रानियों कौशल्या, कैकई और सुमित्रा को खीर प्रदान करना और खीर खाकर तीनों रानियों का गर्भवती होने की लीला हुई।
भगवान राम के साथ तीनों भाईयों के जन्म लेते ही राजा दशरथ और रानी कौशल्या बड़े ही उत्साहित थे। अयोध्या में चारों ओर बधाई गान गाए गए। कौशल्या जायो लल्ला, अवध में मचो हल्ला, अवध में जनमे रघराई, कौशल्या रानी दे दो बधाई।
राम जन्म के बाद गायक गगन राठौर जी व उनकी मंडली द्वारा भजन जेमिंग का कार्यक्रम किया गया। सभी आयु वर्ग के श्रद्धालु उनके मनमोहक भजनों व भक्ति स्वरों में लीन हो गए।
बाल स्वरूप भगवान राम से मिलने भगवान शिव जी योगी का भेष बनाकर आते हैं और इसके बाद चारों भाइयों का नाम करण गुरू वशिष्ठ द्वारा किया जाता है। तत्पश्चात भगवान राम,लक्ष्मण,भरत, शत्रुघन गुरु वशिष्ठ के आश्रम में शिक्षा दीक्षा के प्रस्थान करते हैं।भगवान राम की बाल लीला का मंचन देख दर्शक मंत्र मुग्ध हो जाते हैं।
अगले दृश्य में विश्वामित्र का राजा दशरथ के दरबार में आगमन होता है और वह अपने यज्ञ की राक्षशों से रक्षा के लिए श्री राम और लक्ष्मण जी को साथ ले जाने के लिए कहते हैं। वशिष्ठ जी के समझाने पर दशरथ जी राम लक्ष्मण को विश्वामित्र के साथ भेज देते हैं। रास्ते में जाते समय विश्वामित्र भगवान राम को राक्षसी ताड़का, मारीच और सुबाहु को दिखाते हैं। ताड़का, मारीच एवं सुबाहु विश्वामित्र जी, श्री राम जी व लक्ष्मण जी के पर आक्रमण कर देते है ।भगवान राम धनुष उठाकर सुबाहु और तड़का का वध कर देते हैं और मारीच को दूर दक्षिण किनारे समुद्र में फेंक देते हैं।
भगवान की आरती के साथ दूसरे दिन की रामलीला का समापन होता है।
अध्यक्ष धर्मपाल गोयल जी ने बताया कि कल 13 अक्टूबर को जनकपुर बाज़ार, ऋषि विश्वामित्र के आश्रम में जनक दूत का आगमन, पुष्प वाटिका में राम सीता साक्षात्कार एवं गौरी पूजन आदि लीलाओं का मंचन किया जायेगा। इस अवसर पर समिति के कार्यकारी अध्यक्ष राजकुमार गर्ग,कोषाध्यक्ष राजेन्द्र गर्ग, सलाहकार मनोज शर्मा, सह-कोषाध्यक्ष अनिल गोयल,चौधरी रविन्द्र सिंह,पवन गोयल, बजरंग लाल गुप्ता, एस एम गुप्ता, गौरव मेहरोत्रा, मुकेश गोयल, मुकेश अग्रवाल, मनोज शर्मा, मीडिया प्रभारी मुकेश गुप्ता, गिरिराज बहेडिया, चक्रपाणि गोयल, राजेश माथुर, सुधीर पोरवाल, अर्जुन अरोड़ा, आर के उप्रेती, दीपक अग्रवाल, दयानंद तिवारी सहित श्रीराम मित्र मंडल नोएडा रामलीला समिति के सदस्यगण व शहर के गणमान्य व्यक्ति उपस्तिथ रहे।