रामगढ़ में भाजपा प्रत्याशी प्रेम मेघवाल ने भरा नामांकन भाजपा नेताओं ने बोर्ड बनाने का किया दावा
रामगढ़ में बीजेपी प्रत्याशी प्रेम मेघवाल ने भरा नामांकन
बीजेपी नेताओं ने बोर्ड बनाने का किया दावा
रामगढ़ नगर पालिका चुनाव में पार्षदों के परिणाम घोषित होने के बाद अब चेयरमैन पद को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। बुधवार दोपहर 12 बजे वार्ड नंबर 16 से निर्वाचित भाजपा पार्षद प्रेम मेघवाल ने चेयरमैन पद के लिए रामगढ़ एसडीएम कार्यालय में नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान भाजपा के प्रभारी और समर्थकों की मौजूदगी रही।
भाजपा प्रभारी वेद प्रकाश पटेल ने दावा किया कि भाजपा नगर पालिका में बोर्ड बनाएगी और प्रेम मेघवाल। को चेयरमैन बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी कि तेरह सीटें निकलकर आई है और उनके पास निर्दलीय पार्षदों का पूरा समर्थन मिला हुआ है। इसलिए उन्होंने दावा किया कि भाजपा ही नगरपालिका में अपना बोर्ड का गठन करेगी।
गौरतलब है कि 35 वार्डों वाली रामगढ़ नगर पालिका में भाजपा ने 13, कांग्रेस ने 8 और निर्दलीय प्रत्याशियों ने 14 वार्डों में जीत दर्ज की है। किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। ऐसे में चेयरमैन चुनाव में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम मानी जा रही है। भाजपा और कांग्रेस दोनों की नजर अब निर्दलीय पार्षदों के समर्थन पर टिकी है।
बीजेपी नेताओं ने बोर्ड बनाने का किया दावा
रामगढ़ नगर पालिका चुनाव में पार्षदों के परिणाम घोषित होने के बाद अब चेयरमैन पद को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। बुधवार दोपहर 12 बजे वार्ड नंबर 16 से निर्वाचित भाजपा पार्षद प्रेम मेघवाल ने चेयरमैन पद के लिए रामगढ़ एसडीएम कार्यालय में नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान भाजपा के प्रभारी और समर्थकों की मौजूदगी रही।
भाजपा प्रभारी वेद प्रकाश पटेल ने दावा किया कि भाजपा नगर पालिका में बोर्ड बनाएगी और प्रेम मेघवाल। को चेयरमैन बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी कि तेरह सीटें निकलकर आई है और उनके पास निर्दलीय पार्षदों का पूरा समर्थन मिला हुआ है। इसलिए उन्होंने दावा किया कि भाजपा ही नगरपालिका में अपना बोर्ड का गठन करेगी।
गौरतलब है कि 35 वार्डों वाली रामगढ़ नगर पालिका में भाजपा ने 13, कांग्रेस ने 8 और निर्दलीय प्रत्याशियों ने 14 वार्डों में जीत दर्ज की है। किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। ऐसे में चेयरमैन चुनाव में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम मानी जा रही है। भाजपा और कांग्रेस दोनों की नजर अब निर्दलीय पार्षदों के समर्थन पर टिकी है।