📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Government of India
राजनीति
राष्ट्र रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह: भारत एक सभ्यतात्मक शक्ति, न कि स्थिति‑स्थापक या पुनरावर्तक
✍️ ThePrint
🗓 28 सित. 2026, 06:16 AM
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत को स्थिति‑स्थापक या पुनरावर्तक नहीं, बल्कि एक सभ्यतात्मक शक्ति माना जाना चाहिए।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पत्रकारों को बताया कि भारत को स्थिति‑स्थापक या पुनरावर्तक कहा नहीं जा सकता। दि प्रिंट द्वारा रिपोर्ट किए गए इस बयान में उन्होंने कहा कि देश की पहचान उसकी सभ्यतात्मक विरासत में निहित है और इसे एक सभ्यतात्मक शक्ति के रूप में मान्यता मिलनी चाहिए।
सिंह ने मौजूदा वैश्विक व्यवस्था को बनाए रखने और उसे पुनः लिखने के बीच स्पष्ट अंतर किया, यह दर्शाते हुए कि भारत अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में अपने दीर्घकालिक सांस्कृतिक और ऐतिहासिक मूल्यों के माध्यम से योगदान देता है।
यह टिप्पणी भारत की विदेश नीति में चल रहे व्यापक दृष्टिकोण को रेखांकित करती है, जहाँ सरकार विश्व मंच पर एक सक्रिय लेकिन स्थिर भूमिका निभाने की कोशिश कर रही है, जो स्थिति‑स्थापक या उग्र पुनरावर्तक रुखों के बजाय सभ्यतात्मक विरासत पर आधारित है।
सिंह ने मौजूदा वैश्विक व्यवस्था को बनाए रखने और उसे पुनः लिखने के बीच स्पष्ट अंतर किया, यह दर्शाते हुए कि भारत अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में अपने दीर्घकालिक सांस्कृतिक और ऐतिहासिक मूल्यों के माध्यम से योगदान देता है।
यह टिप्पणी भारत की विदेश नीति में चल रहे व्यापक दृष्टिकोण को रेखांकित करती है, जहाँ सरकार विश्व मंच पर एक सक्रिय लेकिन स्थिर भूमिका निभाने की कोशिश कर रही है, जो स्थिति‑स्थापक या उग्र पुनरावर्तक रुखों के बजाय सभ्यतात्मक विरासत पर आधारित है।