📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
शिक्षा
राजस्थान में 71.90 करोड़ के स्कूल भोजन बर्तन खरीद में मंत्री‑अधिकारियों के मतभेद से अटके कदम
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 30 अक्टू. 2026, 06:45 PM
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शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और विभागीय अधिकारियों के बीच असहमति के कारण राजस्थान के 53,000 से अधिक सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन के नए बर्तनों की खरीद, 71.90 करोड़ रुपये के बजट के बावजूद, रुकी हुई है।
राजस्थान सरकार ने लगभग 53,000 सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना के लिए पुराने बर्तनों को बदलने हेतु 71.90 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। यह राशि इस वर्ष की शुरुआत में स्वीकृत हुई, जिसका उद्देश्य स्वच्छता में सुधार और वितरण को सुगम बनाना था।
परंतु शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और विभागीय अधिकारियों के बीच निविदा मानकों और आपूर्तिकर्ता चयन की शर्तों पर असहमति के कारण खरीद प्रक्रिया अब अटकी हुई है। स्रोतों के अनुसार, गुणवत्ता मानकों और मूल्य निर्धारण के मुद्दों को लेकर मतभेद प्रमुख कारण हैं।
इस देरी से आगामी शैक्षणिक सत्र पर असर पड़ सकता है, क्योंकि कई स्कूल अभी भी भोजन परोसने के लिए पुराने या क्षतिग्रस्त बर्तनों पर निर्भर हैं। अधिकारियों ने समाधान की तलाश जारी रखी है, पर अभी तक कोई स्पष्ट समय‑सीमा नहीं दी गई है।
स्कूल प्रबंधकों और अभिभावक समूहों ने राज्य से त्वरित कार्रवाई का आग्रह किया है, यह चेतावनी देते हुए कि लंबी देरी से उन लाखों बच्चों के पोषण कार्यक्रम पर असर पड़ सकता है, जो इस योजना पर निर्भर हैं।
राज्य शिक्षा विभाग ने कहा है कि अगले दो हफ़्तों में पुनः चर्चा की जाएगी, ताकि खरीद प्रक्रिया को अंतिम रूप देकर मध्याह्न भोजन आपूर्ति श्रृंखला को अगले शैक्षणिक सत्र से पहले सामान्य किया जा सके।
परंतु शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और विभागीय अधिकारियों के बीच निविदा मानकों और आपूर्तिकर्ता चयन की शर्तों पर असहमति के कारण खरीद प्रक्रिया अब अटकी हुई है। स्रोतों के अनुसार, गुणवत्ता मानकों और मूल्य निर्धारण के मुद्दों को लेकर मतभेद प्रमुख कारण हैं।
इस देरी से आगामी शैक्षणिक सत्र पर असर पड़ सकता है, क्योंकि कई स्कूल अभी भी भोजन परोसने के लिए पुराने या क्षतिग्रस्त बर्तनों पर निर्भर हैं। अधिकारियों ने समाधान की तलाश जारी रखी है, पर अभी तक कोई स्पष्ट समय‑सीमा नहीं दी गई है।
स्कूल प्रबंधकों और अभिभावक समूहों ने राज्य से त्वरित कार्रवाई का आग्रह किया है, यह चेतावनी देते हुए कि लंबी देरी से उन लाखों बच्चों के पोषण कार्यक्रम पर असर पड़ सकता है, जो इस योजना पर निर्भर हैं।
राज्य शिक्षा विभाग ने कहा है कि अगले दो हफ़्तों में पुनः चर्चा की जाएगी, ताकि खरीद प्रक्रिया को अंतिम रूप देकर मध्याह्न भोजन आपूर्ति श्रृंखला को अगले शैक्षणिक सत्र से पहले सामान्य किया जा सके।