📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann (talk)
स्वास्थ्य
राजस्थान में अंगदान की धीमी रफ्तार: 10 साल में 84 दान, 1000 से ज़्यादा मरीज़ इंतज़ार में
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 04 जुल. 2026, 12:05 PM
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राजस्थान में 2015 से अब तक केवल 84 मृतक अंगदान हुए हैं, जबकि 1,022 मरीज़ प्रत्यारोपण के लिए जीवन-मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।
राजस्थान में पिछले एक दशक में मृतक अंगदान के मामले बेहद चिंताजनक रहे हैं। वर्ष 2015 से लेकर अब तक राज्य में कुल 84 ही कैडेवर डोनेशन दर्ज किए गए हैं।
अंगदान की यह सीमित संख्या दर्शाती है कि जीवन रक्षक प्रत्यारोपण के लिए बड़ी संख्या में मरीज़ इंतज़ार कर रहे हैं। वर्तमान में, राजस्थान में 1,022 से अधिक मरीज़ प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा सूची में हैं और उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और अधिकारियों के अनुसार, अंगदान को लेकर जागरूकता की कमी और समाज में फैली भ्रांतियां अंगदान की दर बढ़ाने में सबसे बड़ी बाधाएं हैं। इन बाधाओं को दूर करना राज्य में अंगदान की स्थिति को सुधारने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
अंगदान की यह सीमित संख्या दर्शाती है कि जीवन रक्षक प्रत्यारोपण के लिए बड़ी संख्या में मरीज़ इंतज़ार कर रहे हैं। वर्तमान में, राजस्थान में 1,022 से अधिक मरीज़ प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा सूची में हैं और उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और अधिकारियों के अनुसार, अंगदान को लेकर जागरूकता की कमी और समाज में फैली भ्रांतियां अंगदान की दर बढ़ाने में सबसे बड़ी बाधाएं हैं। इन बाधाओं को दूर करना राज्य में अंगदान की स्थिति को सुधारने के लिए अत्यंत आवश्यक है।