🔥 ट्रेंडिंग हेलकैट ट्रेलर रिलीज अल्पसंख्यक शिक्षा में सुधार गुजरात निवेश मित्रता सूचकांक में शीर्ष... उत्तराखंड में देश की पहली अग्निवीर सेल... हरियाणा परिवार से 5 लाख की ठगी, 3 गिरफ... हरियाणा में हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत
18 जुल. 2026
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
राजस्थान की माताओं ने गर्भपातोत्तर किडनी चोट के कारण इयूथेनासिया याचिका दायर की
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Christopher Michel
स्वास्थ्य

राजस्थान की माताओं ने गर्भपातोत्तर किडनी चोट के कारण इयूथेनासिया याचिका दायर की

✍️ Firstpost 🗓 17 जुल. 2026, 10:18 PM 👁 7

राजस्थान की पाँच माताओं ने प्रसवोत्तर किडनी चोट के कारण इयूथेनासिया याचिका दायर की, जिससे प्रसवोत्तर गुर्दे की जटिलताओं पर प्रकाश पड़ा।

राजस्थान की पाँच महिलाओं ने गर्भपातोत्तर किडनी चोट के कारण इयूथेनासिया के लिए कानूनी याचिका दायर की है। इन माताओं का दावा है कि इस चोट के कारण उन्हें लगातार दर्द और जीवन की गुणवत्ता में गिरावट का सामना करना पड़ रहा है।

चिकित्सकीय विशेषज्ञों का कहना है कि यह चोट प्रसवोत्तर गुर्दे की जटिलताओं, जैसे कि तीव्र ट्यूबुलर नेक्रोसिस और प्री‑इक्लेम्पसिया से जुड़ी है। लक्षणों में लगातार थकान, सूजन और मूत्र उत्पादन में कमी शामिल है, जो समय पर इलाज न होने पर अपरिवर्तनीय हो सकता है।

डॉ. अनिल कुमार, जयपुर के एआईआईएस में नेफ्रोलॉजिस्ट, ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप और प्रोटीन्यूरिया की जल्दी पहचान से अधिकांश मामलों को रोका जा सकता है। उन्होंने प्रसूति चिकित्सकों से आग्रह किया कि वे प्रसव के बाद के हफ्तों में गुर्दे के कार्य की निगरानी करें।

इन याचिकाओं ने कानूनी विद्वानों और चिकित्सा पेशेवरों के बीच एक बहस को जन्म दिया है कि क्या गैर-आख़िरी स्थितियों में भी दर्दनाक पीड़ा के लिए सहायता प्राप्त मृत्यु की अनुमति होनी चाहिए। न्यायालय अब इस विषय पर कानून की व्याख्या करेंगे।
📲Get App