📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Kirodi Lal Meena
देश
मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के छापे में नमक अपशिष्ट से पोटाश उत्पादन का खुलासा
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 21 जून 2026, 11:01 AM
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जयपुर में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के औचक निरीक्षण में एक फैक्ट्री का पर्दाफाश हुआ, जो कथित तौर पर नमक के अपशिष्ट से पोटाश बना रही थी और बिना अनुमति बायो स्टिमुलेंट बेच रही थी, जिससे उर्वरक मानकों का उल्लंघन हुआ।
जयपुर में एक औचक छापेमारी के दौरान, राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने एक निर्माण इकाई में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा किया है। निरीक्षण में पता चला कि यह इकाई कथित तौर पर नमक उत्पादन से प्राप्त अपशिष्ट सामग्री का उपयोग करके पोटाश, एक महत्वपूर्ण पादप पोषक तत्व, का उत्पादन कर रही थी।
छापेमारी के दौरान आगे की जांच में यह भी संकेत मिला कि फैक्ट्री बिना आवश्यक अनुमति के बायो स्टिमुलेंट की बिक्री में भी संलग्न थी। ये प्रथाएं स्थापित उर्वरक मानकों और कृषि आदानों को नियंत्रित करने वाले नियमों का उल्लंघन करती प्रतीत होती हैं।
मंत्री की कार्रवाई किसानों को आपूर्ति किए जा रहे कृषि उत्पादों की गुणवत्ता और वैधता पर चिंताओं को उजागर करती है, जिससे संभावित रूप से धोखाधड़ी की प्रथाएं हो सकती हैं और फसल की पैदावार प्रभावित हो सकती है।
छापेमारी के दौरान आगे की जांच में यह भी संकेत मिला कि फैक्ट्री बिना आवश्यक अनुमति के बायो स्टिमुलेंट की बिक्री में भी संलग्न थी। ये प्रथाएं स्थापित उर्वरक मानकों और कृषि आदानों को नियंत्रित करने वाले नियमों का उल्लंघन करती प्रतीत होती हैं।
मंत्री की कार्रवाई किसानों को आपूर्ति किए जा रहे कृषि उत्पादों की गुणवत्ता और वैधता पर चिंताओं को उजागर करती है, जिससे संभावित रूप से धोखाधड़ी की प्रथाएं हो सकती हैं और फसल की पैदावार प्रभावित हो सकती है।