📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / A.Savin
यात्रा
राजस्थान में 2026 की पहली छमाही में 10.92 करोड़ यात्रियों का रिकॉर्ड, विदेशी सैलानियों की पहली पसंद जयपुर
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 26 सित. 2026, 08:36 AM
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राजस्थान ने जनवरी‑जून 2026 में 10.92 करोड़ पर्यटन यात्राओं का आंकड़ा दर्ज किया, जहाँ घरेलू यात्रियों ने सीकर को प्राथमिकता दी और विदेशी सैलानियों ने जयपुर को चुना।
राजस्थान पर्यटन विभाग ने बताया कि 2026 की पहली छमाही में राज्य में 10.92 करोड़ पर्यटन यात्राएँ दर्ज हुईं, यह आंकड़ा अमर उजाला द्वारा प्रकाशित किया गया है। यह संख्या पिछले वर्षों की तुलना में एक नया शिखर दर्शाती है और राज्य के पर्यटन क्षेत्र में निरंतर वृद्धि को रेखांकित करती है।
घरेलू यात्रियों के बीच सीकर सबसे अधिक पसंदीदा स्थल बन गया, जबकि जयपुर और उदयपुर जैसे पारंपरिक केंद्रों से आगे निकल गया। हालिया विरासत‑संरक्षण परियोजनाओं और बेहतर सड़क नेटवर्क ने इस ऐतिहासिक शहर को अधिक सुलभ बना दिया है, जिससे यात्रियों का प्रवाह बढ़ा है।
विदेशी सैलानियों के लिए जयपुर ने अपनी पहली पसंद की स्थिति बरकरार रखी, जहाँ किलों, महलों और सांस्कृतिक महोत्सवों ने निरंतर आकर्षण बनाया। दूतावासों के आँकड़े और होटल बुकिंग डेटा से पता चलता है कि इस अवधि में विदेशी यात्रियों की संख्या स्थिर रही, जिससे राजधानी की विरासत‑पर्यटन में प्रमुख भूमिका स्पष्ट होती है।
पर्यटन अधिकारियों ने कहा कि इस रिकॉर्ड से आतिथ्य, परिवहन और स्थानीय हस्तशिल्प जैसे सहायक क्षेत्रों को लाभ होगा और यह वर्ष के शेष हिस्से में वृद्धि को बनाए रखने के लिए नई प्रचार योजनाओं का आधार बनेगा।
घरेलू यात्रियों के बीच सीकर सबसे अधिक पसंदीदा स्थल बन गया, जबकि जयपुर और उदयपुर जैसे पारंपरिक केंद्रों से आगे निकल गया। हालिया विरासत‑संरक्षण परियोजनाओं और बेहतर सड़क नेटवर्क ने इस ऐतिहासिक शहर को अधिक सुलभ बना दिया है, जिससे यात्रियों का प्रवाह बढ़ा है।
विदेशी सैलानियों के लिए जयपुर ने अपनी पहली पसंद की स्थिति बरकरार रखी, जहाँ किलों, महलों और सांस्कृतिक महोत्सवों ने निरंतर आकर्षण बनाया। दूतावासों के आँकड़े और होटल बुकिंग डेटा से पता चलता है कि इस अवधि में विदेशी यात्रियों की संख्या स्थिर रही, जिससे राजधानी की विरासत‑पर्यटन में प्रमुख भूमिका स्पष्ट होती है।
पर्यटन अधिकारियों ने कहा कि इस रिकॉर्ड से आतिथ्य, परिवहन और स्थानीय हस्तशिल्प जैसे सहायक क्षेत्रों को लाभ होगा और यह वर्ष के शेष हिस्से में वृद्धि को बनाए रखने के लिए नई प्रचार योजनाओं का आधार बनेगा।