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नौकरी
राजस्थान हाईकोर्ट ने वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारियों का नियमितीकरण बरकरार रखा
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 05 नव. 2026, 08:45 AM
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राजस्थान हाईकोर्ट ने पशुपालन विभाग की विशेष अपील खारिज कर 10 साल से अधिक सेवा वाले पशु चिकित्सा अधिकारियों के नियमितीकरण का आदेश बरकरार रखा।
राजस्थान हाईकोर्ट ने पशुपालन विभाग द्वारा दायर विशेष अपील को खारिज कर 10 वर्ष से अधिक सेवा वाले पशु चिकित्सा अधिकारियों के नियमितीकरण के आदेश को बरकरार रखा। कोर्ट ने कहा कि लंबे समय तक अनुबंध या अस्थायी पदों पर रहना प्रशासनिक चाल है, न कि वैध नीति।
इस आदेश के तहत इन अधिकारियों को स्थायी पद, वेतन और अन्य लाभ प्रदान किए जाएंगे, जिससे उनके रोजगार की सुरक्षा और मनोबल में सुधार होगा। पशु चिकित्सा विभाग राज्य के पशु स्वास्थ्य और पशुपालन उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए नियमितीकरण का प्रभाव व्यापक होगा।
कानूनी विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला अन्य राज्य सरकारी कर्मचारियों के समान मामलों में भी मिसाल बन सकता है। विभाग को अब अदालत के निर्देशों के अनुसार शीघ्र कार्यवाही करनी होगी।
पशु चिकित्सा संघों सहित कई हितधारकों ने इस निर्णय का स्वागत किया, इसे वरिष्ठ पेशेवरों के न्यायसंगत व्यवहार की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया।
हाईकोर्ट का यह निर्णय प्रशासनिक निर्णयों में प्रक्रिया की पारदर्शिता और न्याय को प्राथमिकता देने की चेतावनी भी देता है, विशेषकर जब कर्मचारियों की दीर्घकालिक सेवा पर सवाल उठता है।
इस आदेश के तहत इन अधिकारियों को स्थायी पद, वेतन और अन्य लाभ प्रदान किए जाएंगे, जिससे उनके रोजगार की सुरक्षा और मनोबल में सुधार होगा। पशु चिकित्सा विभाग राज्य के पशु स्वास्थ्य और पशुपालन उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए नियमितीकरण का प्रभाव व्यापक होगा।
कानूनी विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला अन्य राज्य सरकारी कर्मचारियों के समान मामलों में भी मिसाल बन सकता है। विभाग को अब अदालत के निर्देशों के अनुसार शीघ्र कार्यवाही करनी होगी।
पशु चिकित्सा संघों सहित कई हितधारकों ने इस निर्णय का स्वागत किया, इसे वरिष्ठ पेशेवरों के न्यायसंगत व्यवहार की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया।
हाईकोर्ट का यह निर्णय प्रशासनिक निर्णयों में प्रक्रिया की पारदर्शिता और न्याय को प्राथमिकता देने की चेतावनी भी देता है, विशेषकर जब कर्मचारियों की दीर्घकालिक सेवा पर सवाल उठता है।