📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sojat
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राजस्थान हाईकोर्ट ने 653 करोड़ रुपये के अवार्ड को रद्द करने का फैसला बरकरार रखा
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 07 नव. 2026, 12:45 PM
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राजस्थान हाईकोर्ट ने भगवती एंटरप्राइजेज को 653.20 करोड़ रुपये का मुआवजा देने वाले मध्यस्थता अवार्ड को रद्द करने के वाणिज्यिक न्यायालय के फैसले को बरकरार रखा, जिससे राजस्थान रोडवेज को राहत मिली।
राजस्थान हाईकोर्ट, जयपुर में, ने वाणिज्यिक न्यायालय के फैसले को बरकरार रखा कि भगवती एंटरप्राइजेज को 653.20 करोड़ रुपये का मध्यस्थता अवार्ड रद्द किया जाए, जो राजस्थान रोडवेज के साथ विवाद में दिया गया था।
यह अवार्ड, जिसे मूल रूप से वाणिज्यिक न्यायालय ने जारी किया था, राजस्थान रोडवेज को उस राशि का भुगतान करने के लिए बाध्य करता था। हाईकोर्ट के निर्णय से स्पष्ट हुआ कि अवार्ड शून्य है और रोडवेज को भुगतान करने की ज़रूरत नहीं है।
यह फैसला राजस्थान रोडवेज, जो एक राज्य-स्वामित्व वाली परिवहन कंपनी है, के लिए बड़ी राहत का कारण बना, क्योंकि उन्हें बड़ी राशि का भुगतान करने का दबाव था। हाईकोर्ट ने बताया कि मध्यस्थता प्रक्रिया में त्रुटियाँ थीं और अवार्ड कानूनी मानकों पर खरा नहीं उतरा।
यह निर्णय भविष्य में राज्य निकायों और निजी कंपनियों के बीच होने वाले वाणिज्यिक विवादों पर असर डाल सकता है, और सही मध्यस्थता प्रक्रियाओं के महत्व को रेखांकित करता है।
यह अवार्ड, जिसे मूल रूप से वाणिज्यिक न्यायालय ने जारी किया था, राजस्थान रोडवेज को उस राशि का भुगतान करने के लिए बाध्य करता था। हाईकोर्ट के निर्णय से स्पष्ट हुआ कि अवार्ड शून्य है और रोडवेज को भुगतान करने की ज़रूरत नहीं है।
यह फैसला राजस्थान रोडवेज, जो एक राज्य-स्वामित्व वाली परिवहन कंपनी है, के लिए बड़ी राहत का कारण बना, क्योंकि उन्हें बड़ी राशि का भुगतान करने का दबाव था। हाईकोर्ट ने बताया कि मध्यस्थता प्रक्रिया में त्रुटियाँ थीं और अवार्ड कानूनी मानकों पर खरा नहीं उतरा।
यह निर्णय भविष्य में राज्य निकायों और निजी कंपनियों के बीच होने वाले वाणिज्यिक विवादों पर असर डाल सकता है, और सही मध्यस्थता प्रक्रियाओं के महत्व को रेखांकित करता है।