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अपराध
राजस्थान हाईकोर्ट ने डीआईजी को प्रेमी युगल की सुरक्षा की व्यक्तिगत देखरेख का आदेश
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 16 अक्टू. 2026, 02:15 PM
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राजस्थान हाईकोर्ट ने खुशबू व अन्य की याचिका पर विचार करते हुए, पुलिस के डीआईजी को प्रेमी युगल की सुरक्षा की व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेने और आवश्यक उपाय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
राजस्थान हाईकोर्ट ने खुशबू एवं अन्य याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई की, जिसमें एक युवा प्रेमी युगल की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई थी। याचिका में कहा गया था कि युगल को मामूली खरोंच भी लगी, जिससे स्थानीय पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे।
न्यायालय ने अपने आदेश में पुलिस के डिप्टी इन्स्पेक्टर जनरल (डीआईजी) को युगल की सुरक्षा की व्यक्तिगत देखरेख करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि छोटी सी खरोंच भी होने पर डीआईजी को लापरवाही का जिम्मा उठाना पड़ेगा।
आदेश में यह भी कहा गया कि डीआईजी को आवश्यक सभी उपाय, जैसे अतिरिक्त गश्त, त्वरित चिकित्सा सहायता और सुरक्षा प्रोटोकॉल, तुरंत लागू करने होंगे। कोर्ट ने अनुपालन न करने पर अपमानजनक कार्यवाही की चेतावनी दी।
कानूनी विशेषज्ञों ने कहा कि यह निर्णय वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सार्वजनिक सुरक्षा के प्रति सीधे जवाबदेह बनाने की न्यायपालिका की दृढ़ता को दर्शाता है।
याचिकाकर्ताओं ने इस फैसले का स्वागत किया, यह मानते हुए कि कोर्ट की कड़ी चेतावनी भविष्य में सुरक्षा में चूक को रोकने में मदद करेगी।
न्यायालय ने अपने आदेश में पुलिस के डिप्टी इन्स्पेक्टर जनरल (डीआईजी) को युगल की सुरक्षा की व्यक्तिगत देखरेख करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि छोटी सी खरोंच भी होने पर डीआईजी को लापरवाही का जिम्मा उठाना पड़ेगा।
आदेश में यह भी कहा गया कि डीआईजी को आवश्यक सभी उपाय, जैसे अतिरिक्त गश्त, त्वरित चिकित्सा सहायता और सुरक्षा प्रोटोकॉल, तुरंत लागू करने होंगे। कोर्ट ने अनुपालन न करने पर अपमानजनक कार्यवाही की चेतावनी दी।
कानूनी विशेषज्ञों ने कहा कि यह निर्णय वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सार्वजनिक सुरक्षा के प्रति सीधे जवाबदेह बनाने की न्यायपालिका की दृढ़ता को दर्शाता है।
याचिकाकर्ताओं ने इस फैसले का स्वागत किया, यह मानते हुए कि कोर्ट की कड़ी चेतावनी भविष्य में सुरक्षा में चूक को रोकने में मदद करेगी।