📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / TrendSPLEND
शिक्षा
राजस्थान हाईकोर्ट ने स्पेलिंग त्रुटि पर छात्र की NEET काउंसलिंग को जारी रखने का आदेश
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 25 अग. 2026, 04:36 PM
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राजस्थान हाईकोर्ट ने पिता के उपनाम में छोटी स्पेलिंग त्रुटि के कारण काउंसलिंग रोकने वाले NEET‑UG छात्र को अन्य दस्तावेज़ों की जाँच के बाद प्रवेश प्रक्रिया जारी रखने का निर्देश दिया।
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक NEET‑UG उत्तीर्ण छात्र को राहत दी है, जिसका काउंसलिंग पिता के उपनाम में छोटी स्पेलिंग त्रुटि के कारण रोक दिया गया था। कोर्ट ने कहा कि मामूली टाइपो के कारण मेरिट‑आधारित प्रवेश प्रक्रिया बाधित नहीं होनी चाहिए।
पेटिशन में बताया गया कि छात्र ने राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा पास कर ली थी और काउंसलिंग की तैयारी कर रहा था, तभी अधिकारियों ने उपनाम की स्पेलिंग में अंतर को कारण बना कर प्रक्रिया रोक दी।
अदालत ने आदेश दिया कि छात्र को काउंसलिंग में पुनः शामिल किया जाए और अन्य वैध दस्तावेज़ों के आधार पर उसकी पात्रता की पुष्टि की जाए। काउंसलिंग एजेंसी को आगे की प्रवेश औपचारिकताओं को तुरंत पूरा करने का निर्देश दिया गया।
कानूनी विशेषज्ञों ने कहा कि यह फैसला यह दर्शाता है कि प्रशासनिक प्रक्रियाएँ अनुपातिक होनी चाहिए और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं जैसे NEET में उम्मीदवारों को छोटे टाइपो के कारण अनुचित रूप से नुकसान नहीं पहुँचाना चाहिए।
पेटिशन में बताया गया कि छात्र ने राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा पास कर ली थी और काउंसलिंग की तैयारी कर रहा था, तभी अधिकारियों ने उपनाम की स्पेलिंग में अंतर को कारण बना कर प्रक्रिया रोक दी।
अदालत ने आदेश दिया कि छात्र को काउंसलिंग में पुनः शामिल किया जाए और अन्य वैध दस्तावेज़ों के आधार पर उसकी पात्रता की पुष्टि की जाए। काउंसलिंग एजेंसी को आगे की प्रवेश औपचारिकताओं को तुरंत पूरा करने का निर्देश दिया गया।
कानूनी विशेषज्ञों ने कहा कि यह फैसला यह दर्शाता है कि प्रशासनिक प्रक्रियाएँ अनुपातिक होनी चाहिए और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं जैसे NEET में उम्मीदवारों को छोटे टाइपो के कारण अनुचित रूप से नुकसान नहीं पहुँचाना चाहिए।