📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sojat
नौकरी
राजस्थान हाईकोर्ट ने बर्खास्त पुलिस कांस्टेबल को बकाया वेतन देने का आदेश
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 02 अक्टू. 2026, 07:45 AM
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राजस्थान हाईकोर्ट ने बर्खास्त किए गए पुलिस कांस्टेबल को बकाया वेतन देने का आदेश दिया, जो अगस्त 2017 से फरवरी 2018 तक के वेतन के लिए है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक पुलिस कांस्टेबल के रोजगार संबंधी विवाद में हस्तक्षेप किया, जिसे आपराधिक आरोपों से बरी किया गया था लेकिन बाद में बर्खास्त कर दिया गया। बरी होने के बाद भी राज्य सरकार ने उसे सेवा से हटाया, जिससे अधिकारी ने न्यायिक राहत की मांग की।
कोर्ट ने हालिया फैसले में राज्य सरकार को आदेश दिया कि वह अगस्त 2017 से फरवरी 2018 तक के बकाया वेतन का भुगतान करे। न्यायालय ने कहा कि बरी होने के बाद बर्खास्तगी को उचित वित्तीय निपटान के बिना ठहराया नहीं जा सकता।
यह निर्णय सरकारी कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा में न्यायपालिका की भूमिका को उजागर करता है और अनुशासनात्मक कार्रवाई में प्रक्रियात्मक निष्पक्षता की आवश्यकता पर बल देता है। कांस्टेबल को आदेशित वेतन मिलने की प्रक्रिया प्रशासनिक रूप से आगे बढ़ेगी।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में यह फैसला एक मिसाल स्थापित कर सकता है, जहाँ बरी होने के बाद बर्खास्तगी होती है, और वित्तीय देनदारी को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
कोर्ट ने हालिया फैसले में राज्य सरकार को आदेश दिया कि वह अगस्त 2017 से फरवरी 2018 तक के बकाया वेतन का भुगतान करे। न्यायालय ने कहा कि बरी होने के बाद बर्खास्तगी को उचित वित्तीय निपटान के बिना ठहराया नहीं जा सकता।
यह निर्णय सरकारी कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा में न्यायपालिका की भूमिका को उजागर करता है और अनुशासनात्मक कार्रवाई में प्रक्रियात्मक निष्पक्षता की आवश्यकता पर बल देता है। कांस्टेबल को आदेशित वेतन मिलने की प्रक्रिया प्रशासनिक रूप से आगे बढ़ेगी।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में यह फैसला एक मिसाल स्थापित कर सकता है, जहाँ बरी होने के बाद बर्खास्तगी होती है, और वित्तीय देनदारी को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।