📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / A.Savin
राजनीति
राजस्थान सरकार ने प्रयागराज में जयपुर रियासत की संपत्तियों पर बिक्री रोक, पुनः प्राप्ति प्रक्रिया शुरू
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 18 सित. 2026, 06:45 PM
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राजस्थान सरकार ने उत्तर प्रदेश के चार शहरों में, प्रयागराज सहित, जयपुर रियासत की संपत्तियों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की और इन पर खरीद‑फरोख्त पर रोक लगा दी।
राजस्थान सरकार ने घोषणा की है कि वह उत्तर प्रदेश के चार शहरों में स्थित, जयपुर रियासत की 1,263 संपत्तियों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर रही है, जिनमें प्रयागराज भी शामिल है। यह कदम उन संपत्तियों को पुनः प्राप्त करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जो प्रिंसली राज्य के भारत में एकीकरण के बाद बिना आधिकारिक मंजूरी के हस्तांतरित या बेची गई थीं।
नए निर्देश के तहत इन जयपुर संपत्तियों से जुड़ी किसी भी प्रकार की लेन‑देन – बिक्री, खरीद या किराया – पर रोक लगाई गई है, जब तक पुनः प्राप्ति प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती। अधिकारियों ने कहा कि यह प्रतिबंध अनधिकृत लेन‑देन को रोकने और भविष्य में किसी भी वितरण से पहले संपत्तियों का सही हिसाब‑किताब सुनिश्चित करने के लिए है।
यह निर्णय अमर उजाला ने रिपोर्ट किया, जिसमें राजस्थान के राजस्व विभाग के बयानों का हवाला दिया गया। जबकि अन्य तीन शहरों के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई, प्रयागराज में इन ऐतिहासिक संपत्तियों पर ध्यान देना इस क्षेत्र में उनकी महत्ता को दर्शाता है। सरकार ने वर्तमान कब्जेदारों और संभावित खरीदारों से सहयोग की अपील की है।
पुनः प्राप्ति की समाप्ति के लिए कोई समयसीमा नहीं बताई गई है, पर अधिकारियों ने कहा कि प्रक्रिया कानूनी प्रोटोकॉल के तहत चलेगी और जहाँ विवाद उत्पन्न होंगे, वहाँ अदालत की मदद ली जा सकती है।
नए निर्देश के तहत इन जयपुर संपत्तियों से जुड़ी किसी भी प्रकार की लेन‑देन – बिक्री, खरीद या किराया – पर रोक लगाई गई है, जब तक पुनः प्राप्ति प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती। अधिकारियों ने कहा कि यह प्रतिबंध अनधिकृत लेन‑देन को रोकने और भविष्य में किसी भी वितरण से पहले संपत्तियों का सही हिसाब‑किताब सुनिश्चित करने के लिए है।
यह निर्णय अमर उजाला ने रिपोर्ट किया, जिसमें राजस्थान के राजस्व विभाग के बयानों का हवाला दिया गया। जबकि अन्य तीन शहरों के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई, प्रयागराज में इन ऐतिहासिक संपत्तियों पर ध्यान देना इस क्षेत्र में उनकी महत्ता को दर्शाता है। सरकार ने वर्तमान कब्जेदारों और संभावित खरीदारों से सहयोग की अपील की है।
पुनः प्राप्ति की समाप्ति के लिए कोई समयसीमा नहीं बताई गई है, पर अधिकारियों ने कहा कि प्रक्रिया कानूनी प्रोटोकॉल के तहत चलेगी और जहाँ विवाद उत्पन्न होंगे, वहाँ अदालत की मदद ली जा सकती है।