📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Subodhgadgil
विदेश
राजस्थान सरकार ने नेपाल में बाढ़ से फंसे लोगों के परिवारों के लिए हेल्पलाइन शुरू की
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 26 अग. 2026, 11:17 PM
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नेपाल में बाढ़ के दौरान फंसे राजस्थानियों के परिवारों की मदद के लिए राजस्थान सरकार ने विशेष हेल्पलाइन जारी की है।
राजस्थान सरकार ने नेपाल में बाढ़ के कारण फंसे अपने लोगों के परिवारों के लिए एक टोल‑फ्री हेल्पलाइन शुरू करने की घोषणा की। यह नंबर राज्य के आधिकारिक चैनलों पर प्रकाशित किया गया है और यह राहत कार्यों, यात्रा व्यवस्था और काठमांडू में भारतीय दूतावास से संपर्क हेतु जानकारी प्रदान करेगा।
प्रभारी अधिकारियों ने बताया कि यह सेवा प्रभावित परिवारों के तनाव को कम करने के लिए एक ही संपर्क बिंदु प्रदान करेगी, जिसमें बचाव कार्य, चिकित्सा सहायता और वापसी की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी शामिल होगी। इस हेल्पलाइन को राज्य आपदा प्रबंधन सेल और विदेश विभाग के अधिकारी संचालित करेंगे।
नेपाल में अत्यधिक वर्षा से नदी‑भाटा और पहाड़ी ढलानों में भूस्खलन हुआ है, जिससे हजारों लोग विस्थापित हुए हैं और सीमा पार यात्रा बाधित हुई है। नेपाल की यात्रा करने वाले राजस्थानियों की बड़ी संख्या को देखते हुए, सरकार ने उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और समय पर सहायता प्रदान करने के लिए यह कदम उठाया है।
अधिकारियों ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे इस हेल्पलाइन का उपयोग जिम्मेदारी से करें और बिना पुष्टि के अफवाहें न फैलाएँ। स्थिति स्थिर होने और सभी फंसे लोगों के सुरक्षित वापसी तक यह नंबर सक्रिय रहेगा।
प्रभारी अधिकारियों ने बताया कि यह सेवा प्रभावित परिवारों के तनाव को कम करने के लिए एक ही संपर्क बिंदु प्रदान करेगी, जिसमें बचाव कार्य, चिकित्सा सहायता और वापसी की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी शामिल होगी। इस हेल्पलाइन को राज्य आपदा प्रबंधन सेल और विदेश विभाग के अधिकारी संचालित करेंगे।
नेपाल में अत्यधिक वर्षा से नदी‑भाटा और पहाड़ी ढलानों में भूस्खलन हुआ है, जिससे हजारों लोग विस्थापित हुए हैं और सीमा पार यात्रा बाधित हुई है। नेपाल की यात्रा करने वाले राजस्थानियों की बड़ी संख्या को देखते हुए, सरकार ने उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और समय पर सहायता प्रदान करने के लिए यह कदम उठाया है।
अधिकारियों ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे इस हेल्पलाइन का उपयोग जिम्मेदारी से करें और बिना पुष्टि के अफवाहें न फैलाएँ। स्थिति स्थिर होने और सभी फंसे लोगों के सुरक्षित वापसी तक यह नंबर सक्रिय रहेगा।