📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Tuian Times
राजनीति
राजस्थान चुनाव में क्रॉस वोटिंग जांच समिति के गठन में 11 दिन का विलंब
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 01 अक्टू. 2026, 03:31 PM
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राजस्थान विधानसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग और फ्लोर मैनेजमेंट की शिकायतों की जांच के लिए प्रस्तावित समिति 11 दिन बीतने के बाद भी नहीं बनी, जबकि वेणुगोपाल के निर्देश जारी किए गए थे।
राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद कई क्रॉस वोटिंग और फ्लोर मैनेजमेंट की शिकायतें दर्ज की गईं। इन आरोपों की जांच के लिए एक समिति बनाने का प्रस्ताव रखा गया।
वरिष्ठ चुनाव अधिकारी एस. वेणुगोपाल ने समिति के गठन के लिए निर्देश जारी किए, लेकिन 11 दिन बीतने के बाद भी समिति अभी तक गठित नहीं हुई है।
चुनाव पर्यवेक्षकों और पार्टी प्रतिनिधियों ने इस देरी को लेकर चिंता जताई है, क्योंकि इससे चुनावी परिणामों में सार्वजनिक भरोसा प्रभावित हो सकता है। चुनाव आयोग ने इस विलंब का विस्तृत कारण नहीं बताया है।
सभी पक्ष एक औपचारिक घोषणा की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जिसमें समिति के सदस्य और उनकी कार्यवाही का विवरण होगा, जिससे मतदान पैटर्न और संभावित समन्वय की जांच की जा सके।
जांच के शुरू न होने तक क्रॉस वोटिंग और फ्लोर मैनेजमेंट के आरोप राजस्थान की राजनीति में चर्चा का विषय बने रहेंगे।
वरिष्ठ चुनाव अधिकारी एस. वेणुगोपाल ने समिति के गठन के लिए निर्देश जारी किए, लेकिन 11 दिन बीतने के बाद भी समिति अभी तक गठित नहीं हुई है।
चुनाव पर्यवेक्षकों और पार्टी प्रतिनिधियों ने इस देरी को लेकर चिंता जताई है, क्योंकि इससे चुनावी परिणामों में सार्वजनिक भरोसा प्रभावित हो सकता है। चुनाव आयोग ने इस विलंब का विस्तृत कारण नहीं बताया है।
सभी पक्ष एक औपचारिक घोषणा की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जिसमें समिति के सदस्य और उनकी कार्यवाही का विवरण होगा, जिससे मतदान पैटर्न और संभावित समन्वय की जांच की जा सके।
जांच के शुरू न होने तक क्रॉस वोटिंग और फ्लोर मैनेजमेंट के आरोप राजस्थान की राजनीति में चर्चा का विषय बने रहेंगे।