📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Subodhgadgil
शिक्षा
राजस्थान में सरकारी स्कूल के प्रधानाचार्य को बाल विवाह रोकने की जिम्मेदारी
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 20 अक्टू. 2026, 08:36 AM
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राजस्थान सरकार ने सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को बाल विवाह प्रतिबंध अधिकारी बना दिया है, जिससे वे अपने क्षेत्र में बाल विवाह रोकने, साक्ष्य इकट्ठा करने और जागरूकता फैलाने का काम करेंगे।
राजस्थान सरकार ने सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को बाल विवाह रोकने के लिए बाल विवाह प्रतिबंध अधिकारी की जिम्मेदारी सौंप दी है। इस आदेश के तहत प्रत्येक स्कूल प्रमुख अपने क्षेत्र में इस भूमिका को निभाएंगे।
प्रधानाचार्य अब संभावित बाल विवाह मामलों की निगरानी करेंगे, आवश्यक साक्ष्य इकट्ठा करेंगे और उल्लंघन की स्थिति में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय करेंगे। साथ ही उन्हें स्कूलों और आस‑पास के समुदायों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर परिवारों को बाल विवाह के कानूनी और सामाजिक परिणामों के बारे में शिक्षित करना होगा।
सरकारी स्कूलों के व्यापक नेटवर्क का उपयोग करके, प्रशासन का लक्ष्य एक जमीनी स्तर पर निगरानी प्रणाली स्थापित करना है जो समय पर हस्तक्षेप कर राज्य में बाल विवाह की घटनाओं को कम कर सके। अधिकारियों को उम्मीद है कि शिक्षा अधिकारियों और सामुदायिक जागरूकता के संयुक्त प्रयास से बाल विवाह प्रतिबंध कानूनों का पालन मजबूत होगा।
प्रधानाचार्य अब संभावित बाल विवाह मामलों की निगरानी करेंगे, आवश्यक साक्ष्य इकट्ठा करेंगे और उल्लंघन की स्थिति में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय करेंगे। साथ ही उन्हें स्कूलों और आस‑पास के समुदायों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर परिवारों को बाल विवाह के कानूनी और सामाजिक परिणामों के बारे में शिक्षित करना होगा।
सरकारी स्कूलों के व्यापक नेटवर्क का उपयोग करके, प्रशासन का लक्ष्य एक जमीनी स्तर पर निगरानी प्रणाली स्थापित करना है जो समय पर हस्तक्षेप कर राज्य में बाल विवाह की घटनाओं को कम कर सके। अधिकारियों को उम्मीद है कि शिक्षा अधिकारियों और सामुदायिक जागरूकता के संयुक्त प्रयास से बाल विवाह प्रतिबंध कानूनों का पालन मजबूत होगा।