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30 Oct 2026•
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राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के फैसलों पर छिड़ा विवाद, इस्तीफे की मांग के बीच चर्चा में उनके कार्य
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राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के फैसलों पर छिड़ा विवाद, इस्तीफे की मांग के बीच चर्चा में उनके कार्य

✍️ Reporter: SUDIP GADHIYA 🗓 23 Aug 2026, 09:48 AM 👁 84
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राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर अपने कड़े फैसलों और संकल्पों के कारण चर्चा में हैं। अब CJP ने उनके इस्तीफे की मांग की है, जिससे राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है।

राजस्थान के शिक्षा मंत्री और छह बार के विधायक मदन दिलावर अपने हालिया फैसलों और व्यक्तिगत संकल्पों को लेकर सुर्खियों में हैं। खटीक समुदाय (SC) से आने वाले दिलावर ने 1990 में कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने तक बिस्तर पर न सोने और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण तक माला न पहनने का संकल्प लिया था। वहीं, 2024 में उन्होंने मथुरा में कृष्ण मंदिर निर्माण तक दिन में केवल एक बार भोजन करने का नया संकल्प लिया है।

शिक्षा विभाग में उनके द्वारा लिए गए निर्णयों में इतिहास की किताबों में महाराणा प्रताप के गौरव को स्थान देना, पाठ्यक्रम में गौ सेवा को शामिल करना और स्कूलों में सूर्य नमस्कार व वंदे मातरम् को अनिवार्य करना शामिल है। इसके अलावा, उन्होंने शिक्षकों के स्मार्टफोन इस्तेमाल पर रोक लगाई, छात्रों की शिकायतों के लिए सीधी व्यवस्था शुरू की और स्कूलों में सुरक्षा के कड़े नियम लागू किए। सरकार का दावा है कि उनके कार्यकाल में राजस्थान के स्कूलों की राष्ट्रीय प्रदर्शन रैंकिंग 13वें से तीसरे स्थान पर पहुंच गई है और 12 लाख से अधिक नए छात्रों ने दाखिला लिया है।

इन सुधारों के साथ-साथ, स्कूलों के कायाकल्प के लिए 12,000 करोड़ रुपये की मंजूरी और जातिगत भेदभाव मिटाने के प्रयासों का भी दावा किया गया है। हालांकि, इन तमाम कदमों के बीच अब CJP (सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस) ने उनके इस्तीफे की मांग की है। इस मांग के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या मदन दिलावर के ये विवादास्पद निर्णय उन्हें वामपंथी विचारधारा के निशाने पर ला रहे हैं, या फिर यह प्रशासनिक सुधारों के प्रति अलग-अलग दृष्टिकोणों का टकराव है।
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