📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gpkp
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राहुल ने ई20 पेट्रोल में इथेनॉल स्तर पर सवाल उठाए, कर्नाटक परीक्षण परिणामों का हवाला दिया
✍️ Business Standard
🗓 08 नव. 2026, 06:40 AM
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राहुल ने ई20 पेट्रोल में इथेनॉल की वास्तविक मात्रा को लेकर चिंता जताई, कर्नाटक के हालिया परीक्षण में मिश्रण 20% लक्ष्य से कम पाया गया।
राहुल ने भारत में बेचे जा रहे ई20 पेट्रोल में इथेनॉल की वास्तविक मात्रा को लेकर सवाल उठाए, यह बताया कि कर्नाटक में किए गए हालिया परीक्षण से पता चलता है कि मिश्रण निर्धारित 20 प्रतिशत इथेनॉल स्तर को नहीं पहुंच रहा है। उन्होंने कर्नाटक के परीक्षण को इस बात का प्रमाण बताया कि ईंधन में इथेनॉल की मात्रा नीति में निर्धारित मात्रा से कम है।
कर्नाटक के राज्य एजेंसी द्वारा किए गए परीक्षण में ई20 पेट्रोल के नमूनों की जांच की गई और यह रिपोर्ट किया गया कि इथेनॉल का अनुपात लक्ष्य से कम रहा। यद्यपि सटीक प्रतिशत नहीं बताया गया, लेकिन परिणाम नीति और वास्तविकता के बीच अंतर को उजागर करते हैं।
राहुल ने सभी ईंधन आपूर्तिकर्ताओं से राष्ट्रीय स्तर पर कड़ी निगरानी और स्वतंत्र सत्यापन की मांग की। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह ब्लेंडिंग मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करे और परीक्षण परिणाम सार्वजनिक करके पारदर्शिता बढ़ाए।
यह टिप्पणी देश की ईंधन‑ब्लेंडिंग रणनीति के चल रहे विमर्श के बीच आई है, जिसका उद्देश्य आयातित तेल पर निर्भरता घटाना और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देना है। राहुल का हस्तक्षेप अधिकारियों पर अनुपालन मुद्दों को सुलझाने और ई20 योजना की विश्वसनीयता को सुदृढ़ करने का दबाव बनाता है।
कर्नाटक के राज्य एजेंसी द्वारा किए गए परीक्षण में ई20 पेट्रोल के नमूनों की जांच की गई और यह रिपोर्ट किया गया कि इथेनॉल का अनुपात लक्ष्य से कम रहा। यद्यपि सटीक प्रतिशत नहीं बताया गया, लेकिन परिणाम नीति और वास्तविकता के बीच अंतर को उजागर करते हैं।
राहुल ने सभी ईंधन आपूर्तिकर्ताओं से राष्ट्रीय स्तर पर कड़ी निगरानी और स्वतंत्र सत्यापन की मांग की। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह ब्लेंडिंग मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करे और परीक्षण परिणाम सार्वजनिक करके पारदर्शिता बढ़ाए।
यह टिप्पणी देश की ईंधन‑ब्लेंडिंग रणनीति के चल रहे विमर्श के बीच आई है, जिसका उद्देश्य आयातित तेल पर निर्भरता घटाना और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देना है। राहुल का हस्तक्षेप अधिकारियों पर अनुपालन मुद्दों को सुलझाने और ई20 योजना की विश्वसनीयता को सुदृढ़ करने का दबाव बनाता है।