📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
खेल
राहुल द्रविड़ ने टेस्ट क्रिकेट को बढ़ाने के लिए वैभव सूर्यवंशी जैसे सर्व‑फ़ॉर्मेट खिलाड़ी की जरूरत बताई
✍️ Cricinfo
🗓 22 अग. 2026, 11:38 AM
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पूर्व भारत कप्तान राहुल द्रविड़ ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी जैसे सभी फ़ॉर्मेट में खेलने वाले खिलाड़ियों को तैयार करना टेस्ट क्रिकेट के विकास के लिए आवश्यक है।
पूर्व भारतीय बल्लेबाज़ी दिग्गज राहुल द्रविड़ ने सभी तीन फ़ॉर्मेट में योगदान दे सकने वाले खिलाड़ियों को विकसित करने के महत्व पर ज़ोर दिया, यह कहा कि ऐसी बहुमुखी प्रतिभा भारत के टेस्ट क्रिकेट को पुनर्जीवित करने की कुंजी है। उन्होंने यह टिप्पणी एक हालिया साक्षात्कार में की, जहाँ उन्होंने टेस्ट के भविष्य की दिशा पर चर्चा की।
द्रविड़ ने बताया कि आधुनिक क्रिकेट में खिलाड़ियों को सीमित‑ओवर की तेज़ी से लेकर टेस्ट की सहनशक्ति तक अनुकूलित होना पड़ता है। उनका मानना है कि सभी‑फ़ॉर्मेट प्रतिभा की निरंतर आपूर्ति से विशेषज्ञों का पूल गहरा होगा और टेस्ट टीम की समग्र स्तर में सुधार होगा।
उभरते तेज़ गेंदबाज़ वैभव सूर्यवंशी को उदाहरण के तौर पर लेते हुए द्रविड़ ने कहा कि इस युवा खिलाड़ी की लाइन, लम्बाई और मानसिकता को विभिन्न फ़ॉर्मेट में समायोजित करने की क्षमता प्रशंसनीय है। जबकि सूर्यवंशी अभी अपने करियर की शुरुआती अवस्था में है, द्रविड़ मानते हैं कि उनका विकास एक मॉडल दर्शा सकता है जिसे बोर्ड को पोषित करना चाहिए।
पूर्व कप्तान ने चयनकों और कोचों से अनुरोध किया कि वे आशाजनक सर्व‑फ़ॉर्मेट खिलाड़ियों को टेस्ट में अधिक अवसर दें, क्योंकि यह रणनीतिक फोकस भारत को टेस्ट क्रिकेट में दीर्घकालिक प्रभुत्व बनाए रखने में मदद करेगा।
द्रविड़ ने बताया कि आधुनिक क्रिकेट में खिलाड़ियों को सीमित‑ओवर की तेज़ी से लेकर टेस्ट की सहनशक्ति तक अनुकूलित होना पड़ता है। उनका मानना है कि सभी‑फ़ॉर्मेट प्रतिभा की निरंतर आपूर्ति से विशेषज्ञों का पूल गहरा होगा और टेस्ट टीम की समग्र स्तर में सुधार होगा।
उभरते तेज़ गेंदबाज़ वैभव सूर्यवंशी को उदाहरण के तौर पर लेते हुए द्रविड़ ने कहा कि इस युवा खिलाड़ी की लाइन, लम्बाई और मानसिकता को विभिन्न फ़ॉर्मेट में समायोजित करने की क्षमता प्रशंसनीय है। जबकि सूर्यवंशी अभी अपने करियर की शुरुआती अवस्था में है, द्रविड़ मानते हैं कि उनका विकास एक मॉडल दर्शा सकता है जिसे बोर्ड को पोषित करना चाहिए।
पूर्व कप्तान ने चयनकों और कोचों से अनुरोध किया कि वे आशाजनक सर्व‑फ़ॉर्मेट खिलाड़ियों को टेस्ट में अधिक अवसर दें, क्योंकि यह रणनीतिक फोकस भारत को टेस्ट क्रिकेट में दीर्घकालिक प्रभुत्व बनाए रखने में मदद करेगा।