शिक्षा
रोह प्रखंड में महाजन समुदाय ने डिग्री कॉलेज स्थानांतरण की मांग पर मुख्य मार्ग बंद किया, तीन घंटे तक बाधित रहा आवागमन
नवादा जिले के रोह प्रखंड में राजकीय डिग्री कॉलेज को प्रखंड मुख्यालय या बाजार के समीप स्थापित करने की मांग को लेकर सोमवार को महाजन आंदोलन किया गया। धरना-प्रदर्शन के दौरान सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक मुख्य मार्ग पर वाहनों का आवागमन बाधित रहा।
नवादा जिले के रोह प्रखंड मुख्यालय में राजकीय डिग्री कॉलेज को प्रखंड मुख्यालय अथवा रोह बाजार के समीप स्थापित करने की मांग को लेकर सोमवार को महाजन समुदाय ने आंदोलन किया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने रोह मुख्य मार्ग को बंद कर सड़क पर धरना-प्रदर्शन किया। आंदोलन में निजी विद्यालयों के शिक्षक, कोचिंग संस्थान एवं ट्यूशन संचालक, सरकारी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक व शिक्षक, छात्र-छात्राएं, अभिभावक, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी, प्रखंड के विभिन्न जनप्रतिनिधि तथा जागरूक नागरिक शामिल हुए।
धरना दे रहे लोगों ने कहा कि राजकीय डिग्री कॉलेज को प्रखंड मुख्यालय या रोह बाजार के नजदीक बनाया जाना चाहिए। उनका कहना था कि मुख्यालय के आसपास कॉलेज होने से छात्र-छात्राओं को आवागमन में सुविधा मिलेगी तथा सभी वर्गों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा का समान अवसर प्राप्त होगा। इसके अलावा, रोह प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों के छात्र-छात्राएं भी कॉलेज का बेहतर लाभ उठा सकेंगे।
आंदोलन के कारण सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक रोह मुख्य मार्ग पर वाहनों का आवागमन बाधित रहा। वहीं, आंदोलन के समर्थन में रोह बाजार की अधिकांश दुकानें भी बंद रहीं, हालांकि मेडिकल दुकानें और डॉक्टरों के क्लीनिक खुले रहे। संपूर्ण बंदी और धरना-प्रदर्शन के माध्यम से लोगों ने कॉलेज को रोह में ही स्थापित करने की मांग को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।
धरना दे रहे लोगों ने कहा कि राजकीय डिग्री कॉलेज को प्रखंड मुख्यालय या रोह बाजार के नजदीक बनाया जाना चाहिए। उनका कहना था कि मुख्यालय के आसपास कॉलेज होने से छात्र-छात्राओं को आवागमन में सुविधा मिलेगी तथा सभी वर्गों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा का समान अवसर प्राप्त होगा। इसके अलावा, रोह प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों के छात्र-छात्राएं भी कॉलेज का बेहतर लाभ उठा सकेंगे।
आंदोलन के कारण सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक रोह मुख्य मार्ग पर वाहनों का आवागमन बाधित रहा। वहीं, आंदोलन के समर्थन में रोह बाजार की अधिकांश दुकानें भी बंद रहीं, हालांकि मेडिकल दुकानें और डॉक्टरों के क्लीनिक खुले रहे। संपूर्ण बंदी और धरना-प्रदर्शन के माध्यम से लोगों ने कॉलेज को रोह में ही स्थापित करने की मांग को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।