📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / DescriptionLohit River Basin.png
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नौकरी
क्वेस कॉर्प के सीईओ लोहित भाटिया ने बताया हायरिंग में उछाल और आईटी सेक्टर पर एआई का असर
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🗓 10 सित. 2026, 03:17 AM
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क्वेस कॉर्प के कार्यकारी निदेशक एवं समूह सीईओ लोहित भाटिया ने बताया कि कंपनी को हायरिंग में तेज़ी की उम्मीद है, आईटी सेक्टर में सबसे अधिक मांग और एआई ने भर्ती प्रक्रिया को बदल दिया है।
क्वेस कॉर्प, जो कार्यबल समाधान में अग्रणी है, ने समूह सीईओ लोहित भाटिया के साथ एक साक्षात्कार में अपनी भर्ती योजना का खुलासा किया। भाटिया ने बताया कि कंपनी अगले कुछ महीनों में भर्ती में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद कर रही है, क्योंकि ग्राहकों की जरूरतें बढ़ रही हैं।
भाटिया के अनुसार, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेक्टर में सबसे अधिक मांग देखी जा रही है, क्योंकि कंपनियां डिजिटल परिवर्तन, क्लाउड अपनाने और डेटा‑एनालिटिक्स प्रोजेक्ट्स को तेज़ कर रही हैं। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) उपकरण अब प्रतिभा मिलान में अभिन्न भाग बन चुके हैं, जिससे उम्मीदवारों की तेज़ स्क्रीनिंग और अपस्किलिंग संभव हो रही है।
हालांकि सटीक भर्ती संख्याएँ नहीं बताई गईं, क्वेस कॉर्प इस उछाल को पकड़ने के लिए अपनी भर्ती संचालन को बढ़ाने की योजना बना रहा है, विशेषकर उन भूमिकाओं पर जो उन्नत तकनीकी कौशल की मांग करती हैं। यह रणनीति एआई‑सक्षम भर्ती प्लेटफ़ॉर्म के कारण बदलते टैलेंट मार्केट के साथ मेल खाती है।
यह सकारात्मक दृष्टिकोण भारत की समग्र आर्थिक स्थिति और तकनीकी सेवाओं के निरंतर विस्तार में विश्वास को दर्शाता है, जिससे निकट भविष्य में रोजगार स्तर उच्च रहने की संभावना है।
भाटिया के अनुसार, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेक्टर में सबसे अधिक मांग देखी जा रही है, क्योंकि कंपनियां डिजिटल परिवर्तन, क्लाउड अपनाने और डेटा‑एनालिटिक्स प्रोजेक्ट्स को तेज़ कर रही हैं। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) उपकरण अब प्रतिभा मिलान में अभिन्न भाग बन चुके हैं, जिससे उम्मीदवारों की तेज़ स्क्रीनिंग और अपस्किलिंग संभव हो रही है।
हालांकि सटीक भर्ती संख्याएँ नहीं बताई गईं, क्वेस कॉर्प इस उछाल को पकड़ने के लिए अपनी भर्ती संचालन को बढ़ाने की योजना बना रहा है, विशेषकर उन भूमिकाओं पर जो उन्नत तकनीकी कौशल की मांग करती हैं। यह रणनीति एआई‑सक्षम भर्ती प्लेटफ़ॉर्म के कारण बदलते टैलेंट मार्केट के साथ मेल खाती है।
यह सकारात्मक दृष्टिकोण भारत की समग्र आर्थिक स्थिति और तकनीकी सेवाओं के निरंतर विस्तार में विश्वास को दर्शाता है, जिससे निकट भविष्य में रोजगार स्तर उच्च रहने की संभावना है।