📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / TimDuncan
मनोरंजन
पुरबायन चटर्जी सितार संगीत में इलेक्ट्रॉनिक फ्यूजन का कर रहे अन्वेषण
✍️ Rolling Stone India
🗓 30 जून 2026, 11:16 PM
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सितार के उस्ताद पुरबायन चटर्जी अपने प्रोजेक्ट 'फेदर्ड क्रिएचर्स' में पारंपरिक भारतीय शास्त्रीय संगीत को इलेक्ट्रॉनिक फ्यूजन तत्वों के साथ मिलाकर नए ध्वनि क्षेत्र की खोज कर रहे हैं।
जाने-माने सितार वादक पुरबायन चटर्जी अपने 'फेदर्ड क्रिएचर्स' नामक प्रोजेक्ट के साथ नवोन्मेषी संगीत परिदृश्यों में कदम रख रहे हैं। यह पहल समकालीन इलेक्ट्रॉनिक फ्यूजन ध्वनियों के साथ इसे एकीकृत करके सितार की क्षमता को पुनर्कल्पित करने पर केंद्रित है।
चटर्जी का यह अन्वेषण शास्त्रीय भारतीय संगीत परंपराओं और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक संगीत शैलियों के बीच की खाई को पाटने का लक्ष्य रखता है। 'फेदर्ड क्रिएचर्स' उनकी कलात्मक यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम का प्रतिनिधित्व करता है, जो पारंपरिक सितार प्रदर्शन और रचना की सीमाओं को आगे बढ़ाता है।
यह प्रोजेक्ट भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रति एक दूरदर्शी दृष्टिकोण का प्रतीक है, जो नवीन सहयोगों और साउंडस्केप्स के माध्यम से इसकी अनुकूलन क्षमता और व्यापक, संभावित रूप से युवा दर्शकों के लिए अपील को प्रदर्शित करता है।
चटर्जी का यह अन्वेषण शास्त्रीय भारतीय संगीत परंपराओं और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक संगीत शैलियों के बीच की खाई को पाटने का लक्ष्य रखता है। 'फेदर्ड क्रिएचर्स' उनकी कलात्मक यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम का प्रतिनिधित्व करता है, जो पारंपरिक सितार प्रदर्शन और रचना की सीमाओं को आगे बढ़ाता है।
यह प्रोजेक्ट भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रति एक दूरदर्शी दृष्टिकोण का प्रतीक है, जो नवीन सहयोगों और साउंडस्केप्स के माध्यम से इसकी अनुकूलन क्षमता और व्यापक, संभावित रूप से युवा दर्शकों के लिए अपील को प्रदर्शित करता है।