📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Giridhar Appaji Nag Y
बिज़नेस
पंजाब में बिजली की कमी: 2173 मेगावाट उत्पादन ठप, मानसून की बेरुखी से जलस्तर घटा
✍️ Amar Ujala · Patiala
🗓 14 सित. 2026, 09:01 AM
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पंजाब में बढ़ती बिजली की मांग के कारण 2173 मेगावाट की उत्पादन इकाई को बंद करना पड़ा, क्योंकि मानसून की कमी से जलाशयों का स्तर गिर गया।
पंजाब की बिजली ग्रिड पर बढ़ती मांग के कारण दबाव बढ़ रहा है। राज्य के कई क्षेत्रों में बिजली की खपत में वृद्धि के साथ, 2,173 मेगावाट क्षमता वाले उत्पादन ब्लॉक को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है।
इस बंदी का कारण राज्य के प्रमुख जलाशयों में जलस्तर का गिरना है। इस वर्ष की मानसून की कमी और असमान वर्षा ने जलविद्युत और थर्मल प्लांटों के कूलिंग प्रक्रिया के लिए उपलब्ध पानी को घटा दिया है।
राज्य विद्युत विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत नहीं मिलते रहे तो कई जिलों में नियोजित लोड‑शेडिंग लागू की जा सकती है। उन्होंने उपभोक्ताओं से पीक घंटे में बिजली बचाने का अनुरोध किया है।
अंतरिम समाधान के रूप में, पंजाब पड़ोसी राज्यों से बिजली आयात करने और निजी जेनरेटरों से छोटे‑अवधि के समझौते करने की योजना बना रहा है। विभाग मौसम की स्थिति और जलस्तर के आंकड़ों के आधार पर आगे की जानकारी देता रहेगा।
इस बंदी का कारण राज्य के प्रमुख जलाशयों में जलस्तर का गिरना है। इस वर्ष की मानसून की कमी और असमान वर्षा ने जलविद्युत और थर्मल प्लांटों के कूलिंग प्रक्रिया के लिए उपलब्ध पानी को घटा दिया है।
राज्य विद्युत विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत नहीं मिलते रहे तो कई जिलों में नियोजित लोड‑शेडिंग लागू की जा सकती है। उन्होंने उपभोक्ताओं से पीक घंटे में बिजली बचाने का अनुरोध किया है।
अंतरिम समाधान के रूप में, पंजाब पड़ोसी राज्यों से बिजली आयात करने और निजी जेनरेटरों से छोटे‑अवधि के समझौते करने की योजना बना रहा है। विभाग मौसम की स्थिति और जलस्तर के आंकड़ों के आधार पर आगे की जानकारी देता रहेगा।