📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Amarjeet50
खेल
पंजाब की हॉकी प्रेम कहानी: भांगड़े और रोशनी में झलके जोश
✍️ India Today
🗓 07 नव. 2026, 03:45 PM
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एक सांस्कृतिक रिपोर्ट में पता चला है कि पंजाब में हॉकी के प्रति प्रेम भांगड़े और रोशन स्टेडियमों से कैसे जीवंत हो जाता है।
पंजाब को भारतीय हॉकी का जन्मस्थल माना जाता है, जहाँ कई पीढ़ियों ने राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई है और प्रशंसकों का उत्साह हमेशा बना रहता है। हाल के मैचों में देखा गया है कि स्टेडियमों को रंगीन भांगड़े, ढोल की थाप और चमकदार रोशनी से सजाया जाता है, जिससे हर खेल एक उत्सव बन जाता है।
स्थानीय क्लब और स्कूल हॉकी के अभ्यास को लोक संगीत के साथ जोड़ते हैं, जिससे खेल का सांस्कृतिक महत्व और भी गहरा हो जाता है। दर्शक बड़े समूहों में इकट्ठा होते हैं, पंजाब के झंडे लहराते हैं और पंजाबी में जयकार करते हैं, जबकि विशेष लाइट शो मैदान के प्रमुख पलों को उजागर करता है।
अधिकारी बताते हैं कि खेल और विरासत का यह संगम न केवल दर्शकों की संख्या बढ़ाता है, बल्कि युवा वर्ग को हॉकी में भाग लेने के लिए प्रेरित करता है, जिससे भारत की हॉकी सफलता में पंजाब का योगदान बना रहता है।
यह पहल राष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित कर चुकी है, जिससे पंजाब को एक अनोखा मॉडल माना जा रहा है जहाँ खेल की उत्कृष्टता और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति साथ-साथ फल-फूल रहे हैं।
स्थानीय क्लब और स्कूल हॉकी के अभ्यास को लोक संगीत के साथ जोड़ते हैं, जिससे खेल का सांस्कृतिक महत्व और भी गहरा हो जाता है। दर्शक बड़े समूहों में इकट्ठा होते हैं, पंजाब के झंडे लहराते हैं और पंजाबी में जयकार करते हैं, जबकि विशेष लाइट शो मैदान के प्रमुख पलों को उजागर करता है।
अधिकारी बताते हैं कि खेल और विरासत का यह संगम न केवल दर्शकों की संख्या बढ़ाता है, बल्कि युवा वर्ग को हॉकी में भाग लेने के लिए प्रेरित करता है, जिससे भारत की हॉकी सफलता में पंजाब का योगदान बना रहता है।
यह पहल राष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित कर चुकी है, जिससे पंजाब को एक अनोखा मॉडल माना जा रहा है जहाँ खेल की उत्कृष्टता और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति साथ-साथ फल-फूल रहे हैं।