📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bhattirajput
राजनीति
पंजाब पुलिस का नया निर्देश 'घर से वर्दी न पहनें' पर वायरल ऑडियो, विपक्ष की आलोचना
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 22 सित. 2026, 12:31 PM
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एक वायरल ऑडियो में पंजाब पुलिस के नए निर्देश का दावा किया गया कि अधिकारियों को घर से वर्दी पहनकर नहीं आना चाहिए, जिससे राजनीतिक विवाद हुआ, विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया और पुलिस ने इसे फेक बताया।
एक छोटा ऑडियो क्लिप, जो गुरुवार को ऑनलाइन प्रसारित हुआ, दावा करता है कि पंजाब पुलिस ने एक नया निर्देश जारी किया है जिसमें अधिकारियों को घर से आने पर वर्दी न पहनने की सलाह दी गई है। यह क्लिप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से साझा हुआ और कई राजनीतिक टिप्पणीकारों द्वारा उठाया गया।
विपक्ष के नेता इस ऑडियो का उपयोग करते हुए सरकार पर आरोप लगाते हैं कि वह पुलिस कर्मचारियों पर प्रतिबंधात्मक उपाय थोपने की कोशिश कर रही है और प्रशासन पर एक प्रतिकूल राजनीतिक माहौल में घिरा होने का आरोप लगाते हैं। विपक्षी दलों के बयान ट्विटर और फेसबुक पर पोस्ट किए गए, जिसमें जांच की मांग की गई।
पंजाब पुलिस अधिकारियों ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऑडियो में प्रसारित सलाह पूरी तरह से नकली है। विभाग ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है और जनता से अनुरोध किया कि वे साझा करने से पहले स्रोतों की पुष्टि करें।
वर्तमान में, पंजाब पुलिस से कोई आधिकारिक सूचना या प्रेस विज्ञप्ति नहीं आई है जो इस नई नीति की पुष्टि करती हो। यह विवाद राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है, दोनों पक्ष पुलिस विभाग से आगे की स्पष्टता का इंतजार कर रहे हैं।
विपक्ष के नेता इस ऑडियो का उपयोग करते हुए सरकार पर आरोप लगाते हैं कि वह पुलिस कर्मचारियों पर प्रतिबंधात्मक उपाय थोपने की कोशिश कर रही है और प्रशासन पर एक प्रतिकूल राजनीतिक माहौल में घिरा होने का आरोप लगाते हैं। विपक्षी दलों के बयान ट्विटर और फेसबुक पर पोस्ट किए गए, जिसमें जांच की मांग की गई।
पंजाब पुलिस अधिकारियों ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऑडियो में प्रसारित सलाह पूरी तरह से नकली है। विभाग ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है और जनता से अनुरोध किया कि वे साझा करने से पहले स्रोतों की पुष्टि करें।
वर्तमान में, पंजाब पुलिस से कोई आधिकारिक सूचना या प्रेस विज्ञप्ति नहीं आई है जो इस नई नीति की पुष्टि करती हो। यह विवाद राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है, दोनों पक्ष पुलिस विभाग से आगे की स्पष्टता का इंतजार कर रहे हैं।