📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Alan Hughes
अपराध
पंजाब में पीआईटी‑एनडीपीएस एक्ट लागू, नशा तस्करों पर कड़ी कार्रवाई
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 25 अक्टू. 2026, 02:32 PM
👁 13
पंजाब गृह विभाग ने 1988 के प्रिवेंशन ऑफ इलिसिट ट्रैफिक इन नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (पीआईटी‑एनडीपीएस) एक्ट को लागू करने की अधिसूचना जारी की, जिससे राज्य में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर रोक लगाई जाएगी।
पंजाब गृह विभाग ने आधिकारिक रूप से प्रिवेंशन ऑफ इलिसिट ट्रैफिक इन नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (पीआईटी‑एनडीपीएस) एक्ट, 1988 को राज्य भर में लागू करने की अधिसूचना जारी की है। यह कदम नशा तस्करी नेटवर्क को तोड़ने और नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार को रोकने के व्यापक अभियान का हिस्सा है।
इस अधिनियम के तहत पुलिस को तस्करी के खिलाफ छापेमारी, पदार्थों की जब्ती और अपराधियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की विस्तृत शक्ति प्राप्त होगी। अधिसूचना में जांच, साक्ष्य संग्रह और विशेष अदालतों की स्थापना के लिए प्रक्रियात्मक दिशानिर्देश भी शामिल हैं, जिससे मामलों की सुनवाई तेज़ हो सके।
राज्य के अधिकारियों ने बताया कि यह कार्यवाही प्रमुख तस्करी मार्गों और संभावित ड्रग निर्माण केंद्रों को लक्षित करेगी। जबकि यह कानून कई दशकों से मौजूद है, अब इसे सक्रिय करने से पंजाब सरकार की नशे के दुरुपयोग और उससे जुड़ी अपराधों को रोकने की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है।
गृह विभाग ने पुलिस को केंद्रीय एजेंसियों और पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय करने का निर्देश भी दिया है, ताकि सीमा पार तस्करी के मार्गों का पता लगाया जा सके। इस कार्यान्वयन से कानूनी निवारक प्रभाव बढ़ेगा और पंजाब में अवैध पदार्थों की उपलब्धता घटेगी।
इस अधिनियम के तहत पुलिस को तस्करी के खिलाफ छापेमारी, पदार्थों की जब्ती और अपराधियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की विस्तृत शक्ति प्राप्त होगी। अधिसूचना में जांच, साक्ष्य संग्रह और विशेष अदालतों की स्थापना के लिए प्रक्रियात्मक दिशानिर्देश भी शामिल हैं, जिससे मामलों की सुनवाई तेज़ हो सके।
राज्य के अधिकारियों ने बताया कि यह कार्यवाही प्रमुख तस्करी मार्गों और संभावित ड्रग निर्माण केंद्रों को लक्षित करेगी। जबकि यह कानून कई दशकों से मौजूद है, अब इसे सक्रिय करने से पंजाब सरकार की नशे के दुरुपयोग और उससे जुड़ी अपराधों को रोकने की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है।
गृह विभाग ने पुलिस को केंद्रीय एजेंसियों और पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय करने का निर्देश भी दिया है, ताकि सीमा पार तस्करी के मार्गों का पता लगाया जा सके। इस कार्यान्वयन से कानूनी निवारक प्रभाव बढ़ेगा और पंजाब में अवैध पदार्थों की उपलब्धता घटेगी।