📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
अपराध
पंजाब हाईकोर्ट ने हर हफ्ते सुनवाई का आदेश, 44% कैदी नशे के शिकार
✍️ Amar Ujala · Jalandhar
🗓 02 सित. 2026, 09:36 AM
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने जेलों में नशे की लत को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए बताया कि लगभग आधे कैदी नशे के शिकार हैं और हर हफ्ते सुनवाई का आदेश दिया है।
पंजाब‑हरियाणा हाईकोर्ट ने एक सर्वेक्षण के बाद बताया कि राज्य की जेलों में 44 प्रतिशत कैदी नशे के शिकार हैं। कोर्ट ने इस उच्च स्तर की लत को जेल सुरक्षा और पुनर्वास के लिए "गंभीर खतरा" कहा।
इसका समाधान करने के लिये न्यायालय ने जेल प्रबंधन को निर्देश दिया कि नशे के लत वाले कैदियों के मामलों के लिये साप्ताहिक सुनवाई की व्यवस्था की जाए। इसका उद्देश्य उपचार कार्यक्रमों की त्वरित शुरुआत, दवा‑सहायता की निगरानी और नशे से जुड़े मामलों की प्रक्रिया को तेज़ करना है।
जेल अधिकारियों को अब कोर्ट को नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी, जिसमें नशा मुक्ति कार्यक्रम में शामिल कैदियों की संख्या, उपलब्ध चिकित्सा सहायता और जेलों के भीतर नशे की तस्करी को रोकने में आई कठिनाइयों का विवरण होगा।
यह निर्णय न्यायपालिका की स्वास्थ्य‑संबंधी मुद्दों पर बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है और कारावास में लत के चक्र को तोड़ने के लिये अधिक व्यवस्थित हस्तक्षेप की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इसका समाधान करने के लिये न्यायालय ने जेल प्रबंधन को निर्देश दिया कि नशे के लत वाले कैदियों के मामलों के लिये साप्ताहिक सुनवाई की व्यवस्था की जाए। इसका उद्देश्य उपचार कार्यक्रमों की त्वरित शुरुआत, दवा‑सहायता की निगरानी और नशे से जुड़े मामलों की प्रक्रिया को तेज़ करना है।
जेल अधिकारियों को अब कोर्ट को नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी, जिसमें नशा मुक्ति कार्यक्रम में शामिल कैदियों की संख्या, उपलब्ध चिकित्सा सहायता और जेलों के भीतर नशे की तस्करी को रोकने में आई कठिनाइयों का विवरण होगा।
यह निर्णय न्यायपालिका की स्वास्थ्य‑संबंधी मुद्दों पर बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है और कारावास में लत के चक्र को तोड़ने के लिये अधिक व्यवस्थित हस्तक्षेप की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।