📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Harvinder Chandigarh
राजनीति
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने वकीलों के नारेबाजी के बाद 'वकील हड़ताल' पर टिप्पणी स्पष्ट की
✍️ Bar and Bench
🗓 29 जुल. 2026, 09:38 AM
👁 2
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने वकीलों की हड़ताल पर पहले की टिप्पणी को स्पष्ट किया, जो वकीलों की नारेबाजी के बाद सामने आई।
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने वकीलों की हड़ताल पर पहले की टिप्पणी को स्पष्ट किया, जो वकीलों की नारेबाजी के बाद सामने आई।
किसी मंगलवार को जारी बयान में, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसकी पहले की टिप्पणी न तो हड़ताल को मंजूरी देती है और न ही उसे रोकने का निर्देश देती है, बल्कि यह कानूनी पेशेवरों के औद्योगिक कार्यों पर कानूनी स्थिति को स्पष्ट करती है।
कोर्ट ने दोहराया कि वकीलों को विरोध करने का अधिकार है, परन्तु न्याय व्यवस्था को बाधित करने वाली हड़ताल मौजूदा कानूनी ढाँचे के तहत अनुमत नहीं है, और बार को वैकल्पिक उपायों की खोज करने का आग्रह किया।
यह स्पष्टीकरण वकीलों द्वारा सुधारों की माँग में आयोजित रैलियों और नारेबाजी के बाद आया, जिसके चलते कोर्ट ने बार द्वारा उठाए गए मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी।
यह बयान एक हाई कोर्ट के बेंच द्वारा जारी किया गया है।
किसी मंगलवार को जारी बयान में, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसकी पहले की टिप्पणी न तो हड़ताल को मंजूरी देती है और न ही उसे रोकने का निर्देश देती है, बल्कि यह कानूनी पेशेवरों के औद्योगिक कार्यों पर कानूनी स्थिति को स्पष्ट करती है।
कोर्ट ने दोहराया कि वकीलों को विरोध करने का अधिकार है, परन्तु न्याय व्यवस्था को बाधित करने वाली हड़ताल मौजूदा कानूनी ढाँचे के तहत अनुमत नहीं है, और बार को वैकल्पिक उपायों की खोज करने का आग्रह किया।
यह स्पष्टीकरण वकीलों द्वारा सुधारों की माँग में आयोजित रैलियों और नारेबाजी के बाद आया, जिसके चलते कोर्ट ने बार द्वारा उठाए गए मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी।
यह बयान एक हाई कोर्ट के बेंच द्वारा जारी किया गया है।