📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Harvinder Chandigarh
अपराध
पंजाब‑हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ से हिट‑एंड‑रन केस डेटा मांगा
✍️ Live Law
🗓 14 अक्टू. 2026, 01:33 AM
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पंजाब‑हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ से 2022 के हिट‑एंड‑रन मामलों और मुआवजा वितरण की स्थिति का डेटा देने का आदेश दिया।
लाइव लॉ द्वारा रिपोर्ट किए गए एक हालिया आदेश में पंजाब‑हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के प्रशासन को अपने क्षेत्र में दर्ज हिट‑एंड‑रन मामलों का विस्तृत डेटा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। इस आदेश में प्रत्येक घटना, संबंधित पक्षों और 2022 के मुआवजा योजना के तहत वर्तमान भुगतान स्थिति की जानकारी मांगी गई है।
कोर्ट का उद्देश्य मौजूदा मुआवजा तंत्र की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करना और ट्रैफ़िक सुरक्षा कानूनों के प्रवर्तन में मौजूद खामियों की पहचान करना है। इस डेटा के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पीड़ितों को समय पर राहत मिले और दोषियों को उत्तरदायी ठहराया जाए।
राज्य अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक जानकारी संकलित कर कोर्ट को भेजने का निर्देश दिया गया है। हाई कोर्ट ने कहा है कि वह प्रस्तुत डेटा की समीक्षा कर आगे की न्यायिक या प्रशासनिक कार्रवाई का निर्णय लेगा।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार का डेटा संग्रह हिट‑एंड‑रन मामलों की पारदर्शिता बढ़ा सकता है और तीनों क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने के लिए नीतियों में बदलाव की दिशा में प्रेरित कर सकता है।
कोर्ट का उद्देश्य मौजूदा मुआवजा तंत्र की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करना और ट्रैफ़िक सुरक्षा कानूनों के प्रवर्तन में मौजूद खामियों की पहचान करना है। इस डेटा के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पीड़ितों को समय पर राहत मिले और दोषियों को उत्तरदायी ठहराया जाए।
राज्य अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक जानकारी संकलित कर कोर्ट को भेजने का निर्देश दिया गया है। हाई कोर्ट ने कहा है कि वह प्रस्तुत डेटा की समीक्षा कर आगे की न्यायिक या प्रशासनिक कार्रवाई का निर्णय लेगा।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार का डेटा संग्रह हिट‑एंड‑रन मामलों की पारदर्शिता बढ़ा सकता है और तीनों क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने के लिए नीतियों में बदलाव की दिशा में प्रेरित कर सकता है।