📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Harvinder Chandigarh
अपराध
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने नाबालिग दुष्कर्म‑हत्या मामले में आरोपी को बरी किया, फांसी की सजा पलट दी
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 09 सित. 2026, 10:39 PM
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने नाबालिग दुष्कर्म‑हत्या के मामले में आरोपी को बरी किया, निचली अदालत की फांसी की सजा को पलट दिया।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने नाबालिग दुष्कर्म‑हत्या के मामले में आरोपी को बरी किया, निचली अदालत द्वारा दिसंबर 2024 में दी गई फांसी की सजा को पलट दिया।
यह निर्णय ट्रायल के दौरान हुई प्रक्रियागत त्रुटियों और अपर्याप्त साक्ष्यों को देखते हुए लिया गया, जहाँ निचली अदालत ने आरोपी को नाबालिग के बलात्कार और हत्या का दोषी ठहराकर फांसी की सजा सुनाई थी।
हाईकोर्ट ने कहा कि मृत्यु दण्ड तभी लागू होना चाहिए जब साक्ष्य स्पष्ट और पर्याप्त हों, और इस मामले में वह मानदंड पूरा नहीं हुआ।
इस बरी के फैसले से यह स्पष्ट होता है कि फांसी के मामलों में साक्ष्य और प्रक्रिया का कड़ाई से निरीक्षण अनिवार्य है, और इसी से समान अपराधों के मुकदमों में मानक स्थापित हो सकते हैं।
यह निर्णय ट्रायल के दौरान हुई प्रक्रियागत त्रुटियों और अपर्याप्त साक्ष्यों को देखते हुए लिया गया, जहाँ निचली अदालत ने आरोपी को नाबालिग के बलात्कार और हत्या का दोषी ठहराकर फांसी की सजा सुनाई थी।
हाईकोर्ट ने कहा कि मृत्यु दण्ड तभी लागू होना चाहिए जब साक्ष्य स्पष्ट और पर्याप्त हों, और इस मामले में वह मानदंड पूरा नहीं हुआ।
इस बरी के फैसले से यह स्पष्ट होता है कि फांसी के मामलों में साक्ष्य और प्रक्रिया का कड़ाई से निरीक्षण अनिवार्य है, और इसी से समान अपराधों के मुकदमों में मानक स्थापित हो सकते हैं।