📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Harvinder Chandigarh
अपराध
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने लिव‑इन जोड़े को सुरक्षा आदेश, हर 15 दिन में थाने में हाजिरी
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 29 सित. 2026, 08:31 AM
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने जीवन और स्वतंत्रता को खतरा मानते हुए लिव‑इन जोड़े को सुरक्षा प्रदान की, तथा नियमित सुरक्षा जाँच का आदेश दिया।
पंजाब‑हरियाणा हाईकोर्ट ने एक लिव‑इन जोड़े को सुरक्षा प्रदान करने का आदेश दिया, क्योंकि उन्होंने अपने जीवन और स्वतंत्रता को खतरा बताकर न्यायालय में सुरक्षा की मांग की थी। कोर्ट ने इस बात को मान्यता दी कि जोड़े की सुरक्षा को वास्तविक जोखिम है और इसलिए राज्य सुरक्षा उपाय अनिवार्य हैं।
आदेश के अनुसार, पुलिस को हर पंद्रह दिन में जोड़े को निकटतम थाने में ले जाकर उनकी सुरक्षा की पुष्टि करनी होगी। साथ ही, महिला को रोज़ अपने माता‑पिता को अपनी कुशल‑क्षेम की सूचना देने का निर्देश दिया गया है, जिससे पारिवारिक संपर्क बना रहे।
यह निर्णय इस बात को रेखांकित करता है कि बिना वैवाहिक बंधन के सहवास करने वाले साथी भी जब intimidation का सामना कर रहे हों तो उन्हें सुरक्षा का अधिकार है। यह न्यायालय की व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा में सक्रिय भूमिका को भी दर्शाता है।
जोड़े ने अपने व्यक्तिगत विवरण साझा नहीं किए हैं और वे किराए के मकान में रह रहे हैं। पुलिस कोर्ट के निर्देशानुसार स्थिति की निगरानी जारी रखेगी।
आदेश के अनुसार, पुलिस को हर पंद्रह दिन में जोड़े को निकटतम थाने में ले जाकर उनकी सुरक्षा की पुष्टि करनी होगी। साथ ही, महिला को रोज़ अपने माता‑पिता को अपनी कुशल‑क्षेम की सूचना देने का निर्देश दिया गया है, जिससे पारिवारिक संपर्क बना रहे।
यह निर्णय इस बात को रेखांकित करता है कि बिना वैवाहिक बंधन के सहवास करने वाले साथी भी जब intimidation का सामना कर रहे हों तो उन्हें सुरक्षा का अधिकार है। यह न्यायालय की व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा में सक्रिय भूमिका को भी दर्शाता है।
जोड़े ने अपने व्यक्तिगत विवरण साझा नहीं किए हैं और वे किराए के मकान में रह रहे हैं। पुलिस कोर्ट के निर्देशानुसार स्थिति की निगरानी जारी रखेगी।