📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / The Government of Punjab
शिक्षा
पंजाब सरकार के स्कूलों में दरारें, भीड़भाड़ और पानी की कमी पाई गई
✍️ India Today
🗓 24 अग. 2026, 03:36 PM
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हाल ही में की गई जमीनी जांच में पाया गया कि कई पंजाब सरकार के स्कूलों में संरचनात्मक दरारें, भीड़भाड़ वाले कक्ष और पानी की कमी है।
जमीनी जांच रिपोर्ट ने पंजाब सरकार के कई स्कूलों की भयानक स्थिति को उजागर किया है, जहाँ संरचनात्मक दरारें, भीड़भाड़ वाले कक्ष और पानी की पूर्ण कमी आम बात बन चुकी है।
इस जाँच में कई इमारतों की दीवारों और छतों में स्पष्ट फटाव दिखाई दिए, जो रखरखाव की गंभीर कमी को दर्शाते हैं। कई स्कूलों में छात्रों की संख्या निर्धारित क्षमता से कहीं अधिक है, जिससे शिक्षकों को असुरक्षित और भीड़भाड़ वाले स्थानों में शिक्षा देनी पड़ती है।
छात्रों और शिक्षकों ने बताया कि पीने का पानी या तो उपलब्ध नहीं है या संदूषित कंटेनरों से मिलता है, जिससे स्वास्थ्य और स्वच्छता पर सवाल उठते हैं। बुनियादी ढाँचे की कमी सीखने की प्रक्रिया को प्रभावित करती है और बच्चों के कल्याण के लिए जोखिम पैदा करती है।
इस रिपोर्ट के बाद शिक्षा कार्यकर्ताओं ने तात्कालिक मरम्मत और बेहतर संसाधन आवंटन की माँग की है। जबकि राज्य सरकार ने समस्याओं को हल करने का वादा किया है, रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि पंजाब के बच्चों के शैक्षिक वातावरण को सुरक्षित करने के लिए तुरंत कार्रवाई की आवश्यकता है।
इस जाँच में कई इमारतों की दीवारों और छतों में स्पष्ट फटाव दिखाई दिए, जो रखरखाव की गंभीर कमी को दर्शाते हैं। कई स्कूलों में छात्रों की संख्या निर्धारित क्षमता से कहीं अधिक है, जिससे शिक्षकों को असुरक्षित और भीड़भाड़ वाले स्थानों में शिक्षा देनी पड़ती है।
छात्रों और शिक्षकों ने बताया कि पीने का पानी या तो उपलब्ध नहीं है या संदूषित कंटेनरों से मिलता है, जिससे स्वास्थ्य और स्वच्छता पर सवाल उठते हैं। बुनियादी ढाँचे की कमी सीखने की प्रक्रिया को प्रभावित करती है और बच्चों के कल्याण के लिए जोखिम पैदा करती है।
इस रिपोर्ट के बाद शिक्षा कार्यकर्ताओं ने तात्कालिक मरम्मत और बेहतर संसाधन आवंटन की माँग की है। जबकि राज्य सरकार ने समस्याओं को हल करने का वादा किया है, रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि पंजाब के बच्चों के शैक्षिक वातावरण को सुरक्षित करने के लिए तुरंत कार्रवाई की आवश्यकता है।