📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / VeerinderBiroke
राजनीति
पंजाब में किसान आंदोलन तेज, चुनाव से पहले भाजपा‑आप चिंतित
✍️ Amar Ujala · Patiala
🗓 04 सित. 2026, 09:18 AM
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राज्य विधानसभा चुनावों के करीब आते ही पंजाब में किसान आंदोलन फिर से तेज हो गया है, जिससे भाजपा‑आप को चिंता है, जबकि कांग्रेस‑अकाली दल ग्रामीण वोट बैंक में सेंध लगाने की उम्मीद कर रहे हैं।
पंजाब में किसान आंदोलन फिर से तेज हो गया है, क्योंकि राज्य विधानसभा चुनावों की तैयारी चल रही है। कई जिलों में रैलियों और सभाओं का आयोजन किया गया, जिससे पहले राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख बन चुके आंदोलन की फिर से जीवंतता देखी गई।
भाजपा और आप दोनों ही इस ग्रामीण असंतोष को लेकर बढ़ती चिंता जताते दिख रहे हैं। पार्टी के प्रमुखों ने कहा है कि यदि किसान आंदोलन जारी रहा तो यह चुनाव में उनके वोट‑शेयर को घटा सकता है।
वहीं कांग्रेस और अकाली दल इस स्थिति को अपने लिए अवसर मान रहे हैं। वरिष्ठ नेताओं ने कहा है कि वे किसानों की समस्याओं को उठाकर ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी पकड़ फिर से मजबूत करना चाहते हैं, जिससे भाजपा‑आप के मुकाबले में लाभ हो सके।
विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी नामांकन के कुछ हफ्ते पहले इस आंदोलन का उभार ग्रामीण मतदाता वर्ग को प्रभावित कर सकता है, जिससे आगामी चुनाव का परिणाम काफी हद तक तय हो सकता है।
भाजपा और आप दोनों ही इस ग्रामीण असंतोष को लेकर बढ़ती चिंता जताते दिख रहे हैं। पार्टी के प्रमुखों ने कहा है कि यदि किसान आंदोलन जारी रहा तो यह चुनाव में उनके वोट‑शेयर को घटा सकता है।
वहीं कांग्रेस और अकाली दल इस स्थिति को अपने लिए अवसर मान रहे हैं। वरिष्ठ नेताओं ने कहा है कि वे किसानों की समस्याओं को उठाकर ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी पकड़ फिर से मजबूत करना चाहते हैं, जिससे भाजपा‑आप के मुकाबले में लाभ हो सके।
विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी नामांकन के कुछ हफ्ते पहले इस आंदोलन का उभार ग्रामीण मतदाता वर्ग को प्रभावित कर सकता है, जिससे आगामी चुनाव का परिणाम काफी हद तक तय हो सकता है।