📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Giridhar Appaji Nag Y
स्थानीय
पंजाब में बिजली संकट गहरा, 16,619 मेगावाट मांग पर थर्मल यूनिटें ठप
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 12 सित. 2026, 10:19 AM
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पंजाब में बिजली मांग 16,619 मेगावाट के रिकॉर्ड पर पहुँच गई, जिससे थर्मल और हाइड्रॉलिक यूनिटों के बंद होने तथा कोयले की कमी से संकट गहरा हुआ।
पंजाब की पावर ग्रिड पर अभूतपूर्व दबाव है, जहाँ मांग 16,619 मेगावाट के रिकॉर्ड पर पहुँच गई है। इस बढ़ोतरी के कारण कई थर्मल और हाइड्रॉलिक पावर प्लांट बंद हो गए हैं, जिससे राज्य की उत्पादन क्षमता घट गई है।
इन बंदों में कई प्रमुख थर्मल यूनिटें शामिल हैं जो हफ्तों से बंद हैं, जिससे आपूर्ति की कमी और बढ़ गई है। जल स्तर कम होने के कारण हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट भी सीमित हो गए हैं, जिससे ग्रिड और भी तंग हो गया है।
कोयले की उपलब्धता में भी स्पष्ट गिरावट आई है, जो कई थर्मल स्टेशनों का मुख्य ईंधन है। इस कमी ने शेष प्लांट्स को उत्पादन बढ़ाने से रोका है, जिससे मांग और आपूर्ति के बीच एक दुष्चक्र पैदा हो रहा है।
बिजली प्राधिकरण आपातकालीन उपायों पर विचार कर रहे हैं, जैसे कि पड़ोसी राज्यों से बिजली आयात करना और स्टैंडबाय यूनिट्स को तैनात करना, ताकि रोलिंग आउटेज को कम किया जा सके और महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए आपूर्ति स्थिर की जा सके।
इन बंदों में कई प्रमुख थर्मल यूनिटें शामिल हैं जो हफ्तों से बंद हैं, जिससे आपूर्ति की कमी और बढ़ गई है। जल स्तर कम होने के कारण हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट भी सीमित हो गए हैं, जिससे ग्रिड और भी तंग हो गया है।
कोयले की उपलब्धता में भी स्पष्ट गिरावट आई है, जो कई थर्मल स्टेशनों का मुख्य ईंधन है। इस कमी ने शेष प्लांट्स को उत्पादन बढ़ाने से रोका है, जिससे मांग और आपूर्ति के बीच एक दुष्चक्र पैदा हो रहा है।
बिजली प्राधिकरण आपातकालीन उपायों पर विचार कर रहे हैं, जैसे कि पड़ोसी राज्यों से बिजली आयात करना और स्टैंडबाय यूनिट्स को तैनात करना, ताकि रोलिंग आउटेज को कम किया जा सके और महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए आपूर्ति स्थिर की जा सके।