📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / debanutosh
राजनीति
शिलॉन्ग पीक रोपवे विवाद पर मेघालय सरकार को 26 अक्टूबर की अंतिम तिथि का दिया गया प्रोटेस्ट
✍️ The Sentinel - of this Land, for its People
🗓 18 अक्टू. 2026, 04:01 AM
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शिलॉन्ग पीक रोपवे के विरोध में सक्रिय समूहों ने मेघालय सरकार को 26 अक्टूबर तक अपनी मांगों का समाधान करने का समय दिया है।
शिलॉन्ग में एक समूह ने मेघालय सरकार को शिलॉन्ग पीक पर प्रस्तावित रोपवे विवाद का समाधान करने के लिए 26 अक्टूबर की अंतिम तिथि दी है। विरोधकारियों ने परियोजना स्थल के पास इकट्ठा होकर पर्यावरण और स्थानीय समुदायों पर संभावित प्रभावों को लेकर अपनी चिंताएँ व्यक्त कीं। उन्होंने सरकार से या तो निर्माण को रोकने या उनकी आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट योजना प्रस्तुत करने का आग्रह किया है।
यह अंतिम तिथि सरकार द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रोपवे को आगे बढ़ाने और स्थानीय लोगों द्वारा पर्यावरणीय क्षति एवं विस्थापन के डर के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाती है। अभी तक अधिकारियों ने इस अल्टीमेटम पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, परंतु यह संकेत देता है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो विरोधकारियों द्वारा आगे की कार्रवाई की संभावना है।
रोपवे परियोजना अभी योजना चरण में है और आर्थिक लाभ की संभावनाओं के साथ-साथ पहाड़ी पारिस्थितिकी तंत्र पर संभावित नकारात्मक प्रभावों के कारण आलोचना का सामना कर रही है। 26 अक्टूबर की तिथि नज़दीक आने के साथ ही इस मुद्दे पर क्षेत्रीय मीडिया और नागरिक समाज के समूहों की नज़र बनी हुई है।
यह अंतिम तिथि सरकार द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रोपवे को आगे बढ़ाने और स्थानीय लोगों द्वारा पर्यावरणीय क्षति एवं विस्थापन के डर के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाती है। अभी तक अधिकारियों ने इस अल्टीमेटम पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, परंतु यह संकेत देता है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो विरोधकारियों द्वारा आगे की कार्रवाई की संभावना है।
रोपवे परियोजना अभी योजना चरण में है और आर्थिक लाभ की संभावनाओं के साथ-साथ पहाड़ी पारिस्थितिकी तंत्र पर संभावित नकारात्मक प्रभावों के कारण आलोचना का सामना कर रही है। 26 अक्टूबर की तिथि नज़दीक आने के साथ ही इस मुद्दे पर क्षेत्रीय मीडिया और नागरिक समाज के समूहों की नज़र बनी हुई है।