📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Viratchaudhary8000
राजनीति
अमृतसर में भाजपा सांसद तरुण चुघ के घर के बाहर विरोध, 1984 दंगों के दोषी को शोक पर रोष
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 01 सित. 2026, 02:11 PM
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अमृतसर में तीन भाजपा सांसदों को 1984 के दंगों में दोषी कांग्रेस नेता सज्जन कुमार की मृत्यु पर शोक व्यक्त करने के बाद विरोध का सामना करना पड़ा। सांसद तरुण चुघ के घर के बाहर भीड़ इकट्ठी हुई, जिससे भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
अमृतसर में भाजपा सांसद तरुण चुघ के घर के बाहर प्रदर्शनकारियों ने भीड़ जमा कर पुलिस ने भारी बल तैनात किया। प्रदर्शनकारियों ने उन सांसदों पर नाराज़गी जताई जिन्होंने 1984 के सिख विरोधी दंगों में दोषी रहे कांग्रेस नेता सज्जन कुमार की मृत्यु पर शोक व्यक्त करने के लिए उनका घर देखा।
सज्जन कुमार, जिन्हें 1984 के दंगों में उनकी भूमिका के लिए सजा सुनाई गई थी, का इस हफ्ते निधन हो गया। उनकी मृत्यु पर कई राजनेता, जिनमें तीन भाजपा सांसद भी शामिल थे, शोक सभा में शामिल हुए, जिससे पंजाब में सार्वजनिक आक्रोश भड़का।
भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने कहा कि सांसद व्यक्तिगत सहानुभूति व्यक्त कर रहे थे और उनका कोई राजनीतिक समर्थन नहीं है। परन्तु सिख समुदाय के कई वर्गों ने इस कदम को विश्वासघात माना और सांसदों को जवाबदेह ठहराने की मांग की।
पुलिस ने चुघ के घर के चारों ओर घेरा बनाया, बैरिकेड और भीड़ नियंत्रण उपाय लागू किए और किसी भी हिंसा को रोकने के लिए सतर्कता बरती। इस घटना ने 1984 के दंगों से जुड़ी गहरी संवेदनशीलताओं को फिर से उजागर किया और पंजाब के सामाजिक‑राजनीतिक माहौल में इसके प्रभाव को रेखांकित किया।
सज्जन कुमार, जिन्हें 1984 के दंगों में उनकी भूमिका के लिए सजा सुनाई गई थी, का इस हफ्ते निधन हो गया। उनकी मृत्यु पर कई राजनेता, जिनमें तीन भाजपा सांसद भी शामिल थे, शोक सभा में शामिल हुए, जिससे पंजाब में सार्वजनिक आक्रोश भड़का।
भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने कहा कि सांसद व्यक्तिगत सहानुभूति व्यक्त कर रहे थे और उनका कोई राजनीतिक समर्थन नहीं है। परन्तु सिख समुदाय के कई वर्गों ने इस कदम को विश्वासघात माना और सांसदों को जवाबदेह ठहराने की मांग की।
पुलिस ने चुघ के घर के चारों ओर घेरा बनाया, बैरिकेड और भीड़ नियंत्रण उपाय लागू किए और किसी भी हिंसा को रोकने के लिए सतर्कता बरती। इस घटना ने 1984 के दंगों से जुड़ी गहरी संवेदनशीलताओं को फिर से उजागर किया और पंजाब के सामाजिक‑राजनीतिक माहौल में इसके प्रभाव को रेखांकित किया।