📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Digital Presidential Library, Rashtrapati Bhavan (
राजनीति
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, छत्तीसगढ़ अब माओवादी‑रहित, जनजातियों की पर्यावरणीय समझ सराहनीय
✍️ The New Indian Express
🗓 24 अक्टू. 2026, 04:01 AM
👁 17
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने छत्तीसगढ़ की माओवादी‑रहित स्थिति की सराहना की और जनजातियों के पर्यावरणीय ज्ञान को सराहा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने छत्तीसगढ़ की यात्रा के दौरान राज्य को माओवादी‑रहित घोषित कर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सुरक्षा और विकास के निरंतर प्रयासों ने नागरिकों के लिए सुरक्षित माहौल बनाया है।
मुख्य बिंदु के रूप में राष्ट्रपति ने जनजातीय समुदायों की पारिस्थितिक समझ को उजागर किया। उनका मानना है कि इन जनजातियों की पारम्परिक प्रथाएँ वन और जैव विविधता के संरक्षण में अहम भूमिका निभाती हैं।
यह टिप्पणी राज्य के अधिकारियों और जनजातीय नेताओं के साथ हुई चर्चा का हिस्सा थी, जो समावेशी विकास और पर्यावरणीय संरक्षण पर केंद्रित है।
हालाँकि माओवादी गतिविधियों में कमी के ठोस आँकड़े नहीं बताए गए, लेकिन राष्ट्रपति का बयान छत्तीसगढ़ की शांति और विकास की दिशा में भरोसा दर्शाता है।
यह कार्यक्रम केंद्र सरकार की छत्तीसगढ़ की सामाजिक‑पर्यावरणीय चुनौतियों से जुड़ी निरंतर भागीदारी और जमीनी स्तर की उपलब्धियों को मान्यता देने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
मुख्य बिंदु के रूप में राष्ट्रपति ने जनजातीय समुदायों की पारिस्थितिक समझ को उजागर किया। उनका मानना है कि इन जनजातियों की पारम्परिक प्रथाएँ वन और जैव विविधता के संरक्षण में अहम भूमिका निभाती हैं।
यह टिप्पणी राज्य के अधिकारियों और जनजातीय नेताओं के साथ हुई चर्चा का हिस्सा थी, जो समावेशी विकास और पर्यावरणीय संरक्षण पर केंद्रित है।
हालाँकि माओवादी गतिविधियों में कमी के ठोस आँकड़े नहीं बताए गए, लेकिन राष्ट्रपति का बयान छत्तीसगढ़ की शांति और विकास की दिशा में भरोसा दर्शाता है।
यह कार्यक्रम केंद्र सरकार की छत्तीसगढ़ की सामाजिक‑पर्यावरणीय चुनौतियों से जुड़ी निरंतर भागीदारी और जमीनी स्तर की उपलब्धियों को मान्यता देने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।