📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ash Gupta
मनोरंजन
प्रीति झिंटा ने स्पष्ट किया बटवारा 1947 पर टिप्पणी
✍️ Mid-Day
🗓 10 अग. 2026, 09:36 PM
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अभिनेत्री प्रीति झिंटा ने स्पष्ट किया कि बटवारा 1947 के दौरान महिलाओं के केवल खाना पकाने और सफाई करने के कथन को संदर्भ से बाहर लिया गया है।
यह टिप्पणी पहली बार एक हालिया साक्षात्कार में रिपोर्ट की गई थी, जहाँ झिंटा ने 1947 के विभाजन के बाद बटवारा के प्रभाव पर चर्चा की।
साक्षात्कार में उन्होंने उल्लेख किया कि बटवारा की कई महिलाएँ खाना पकाने और सफाई के कार्यों में लगी थीं, जबकि पुरुष पुनर्निर्माण कार्यों में व्यस्त थे।
इसके बाद झिंटा ने स्पष्ट किया कि उनके कथन को संदर्भ से बाहर लिया गया है, और उन्होंने बताया कि उनका उद्देश्य उस दौर में महिलाओं पर पड़े लिंग-आधारित बोझ को उजागर करना था।
उन्होंने यह भी कहा कि उनका इरादा महिलाओं की दृढ़ता को दिखाना था, न कि उनके कार्यों को सामान्यीकृत करना, और किसी भी गलतफहमी के लिए क्षमा माँगी।
साक्षात्कार में उन्होंने उल्लेख किया कि बटवारा की कई महिलाएँ खाना पकाने और सफाई के कार्यों में लगी थीं, जबकि पुरुष पुनर्निर्माण कार्यों में व्यस्त थे।
इसके बाद झिंटा ने स्पष्ट किया कि उनके कथन को संदर्भ से बाहर लिया गया है, और उन्होंने बताया कि उनका उद्देश्य उस दौर में महिलाओं पर पड़े लिंग-आधारित बोझ को उजागर करना था।
उन्होंने यह भी कहा कि उनका इरादा महिलाओं की दृढ़ता को दिखाना था, न कि उनके कार्यों को सामान्यीकृत करना, और किसी भी गलतफहमी के लिए क्षमा माँगी।