📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ash Gupta
मनोरंजन
प्रिटी जिंटा ने शाहरुख खान व मेंटर्स को शुरुआती करियर का श्रेय दिया
✍️ Bollywood Hungama
🗓 27 सित. 2026, 03:46 AM
👁 13
बॉलीवुड हंगामा के साथ एक विशेष साक्षात्कार में प्रिटी जिंटा ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए शाहरुख खान की सीख और कई मेंटर्स के समर्थन को सराहा।
प्रिटी जिंटा ने बॉलीवुड में अपने शुरुआती दिनों के बारे में बॉलीवुड हंगामा के साथ एक विशेष बातचीत में खुलकर बताया। उन्होंने कहा, "शाहरुख खान ने मुझे बहुत कुछ सिखाया, बहुत से लोग मदद करते रहे," जिससे यह स्पष्ट हुआ कि शाहरुख खान ने उनके करियर के शुरुआती चरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिंटा ने यह भी रेखांकित किया कि खान के अलावा कई मेंटर्स और सहकर्मियों ने उनके विकास में योगदान दिया। यह साक्षात्कार, जो मनोरंजन पोर्टल द्वारा आयोजित किया गया, उनके शुरुआती करियर को आकार देने वाले समर्थन नेटवर्क की एक ईमानदार झलक प्रस्तुत करता है।
अर्ली 2000 के दशक में फिल्मी दुनिया में कदम रखने वाली जिंटा ने उन मेंटरशिप के पलों को याद किया जो उन्हें प्रतिस्पर्धी माहौल में आगे बढ़ने में मददगार रहे। उन्होंने व्यक्तिगत मेंटर्स के नाम नहीं लिए, पर यह कहा कि सामूहिक सहायता ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया और अभिनय कौशल को निखारा। इस प्रकार की बातें इस बात को रेखांकित करती हैं कि भारतीय सिनेमा में अनुभवी सितारे अक्सर नए कलाकारों को मार्गदर्शन देते हैं।
बॉलीवुड हंगामा, जो फिल्म समाचार का प्रमुख स्रोत है, ने इस साक्षात्कार को अपने वरिष्ठ कलाकारों की श्रृंखला में प्रकाशित किया। जिंटा के बयानों से यह स्पष्ट होता है कि मेंटरशिप और सहकर्मी समर्थन भारतीय सिनेमा में सफलता के अभिन्न तत्व बने हुए हैं।
अर्ली 2000 के दशक में फिल्मी दुनिया में कदम रखने वाली जिंटा ने उन मेंटरशिप के पलों को याद किया जो उन्हें प्रतिस्पर्धी माहौल में आगे बढ़ने में मददगार रहे। उन्होंने व्यक्तिगत मेंटर्स के नाम नहीं लिए, पर यह कहा कि सामूहिक सहायता ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया और अभिनय कौशल को निखारा। इस प्रकार की बातें इस बात को रेखांकित करती हैं कि भारतीय सिनेमा में अनुभवी सितारे अक्सर नए कलाकारों को मार्गदर्शन देते हैं।
बॉलीवुड हंगामा, जो फिल्म समाचार का प्रमुख स्रोत है, ने इस साक्षात्कार को अपने वरिष्ठ कलाकारों की श्रृंखला में प्रकाशित किया। जिंटा के बयानों से यह स्पष्ट होता है कि मेंटरशिप और सहकर्मी समर्थन भारतीय सिनेमा में सफलता के अभिन्न तत्व बने हुए हैं।