📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Government of Indonesia
विदेश
प्रगतिवादी ने कोलंबो योजना से बहुपक्षीयता के सबक उजागर किए
✍️ Pragativadi
🗓 20 अग. 2026, 09:38 AM
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प्रगतिवादी ने एक लेख में कोलंबो योजना से सीखते हुए बहुपक्षीय सहयोग की आज भी ज़रूरत पर प्रकाश डाला है।
प्रगतिवादी ने “क्यों बहुपक्षीयता अभी भी मायने रखती है: कोलंबो योजना से सबक” शीर्षक से एक लेख प्रकाशित किया। इस लेख में 1950 में राष्ट्रमंडल के देशों द्वारा स्थापित कोलंबो योजना को पुनः उजागर किया गया, जो दक्षिण‑और‑दक्षिण‑पूर्व एशिया में आर्थिक‑सामाजिक विकास के लिए एक बहुपक्षीय पहल है।
लेख में बताया गया कि आज इस योजना के 27 सदस्य देशों के बीच तकनीकी सहायता, छात्रवृत्ति और क्षमता‑निर्माण कार्यक्रम चल रहे हैं। इन उपलब्धियों को देखते हुए प्रगतिवादी का तर्क है कि कोलंबो योजना का सहयोगी मॉडल जलवायु परिवर्तन, आपूर्ति‑श्रृंखला बाधाओं और सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों जैसे समकालीन मुद्दों को सुलझाने में मार्गदर्शन कर सकता है।
समापन में लेख ने कहा कि कोलंबो योजना की समावेशी दृष्टिकोण को दोहराते हुए बहुपक्षीय संस्थाओं में पुनः प्रतिबद्धता से क्षेत्रीय स्थिरता और साझा समृद्धि को बढ़ावा मिलेगा।
लेख में बताया गया कि आज इस योजना के 27 सदस्य देशों के बीच तकनीकी सहायता, छात्रवृत्ति और क्षमता‑निर्माण कार्यक्रम चल रहे हैं। इन उपलब्धियों को देखते हुए प्रगतिवादी का तर्क है कि कोलंबो योजना का सहयोगी मॉडल जलवायु परिवर्तन, आपूर्ति‑श्रृंखला बाधाओं और सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों जैसे समकालीन मुद्दों को सुलझाने में मार्गदर्शन कर सकता है।
समापन में लेख ने कहा कि कोलंबो योजना की समावेशी दृष्टिकोण को दोहराते हुए बहुपक्षीय संस्थाओं में पुनः प्रतिबद्धता से क्षेत्रीय स्थिरता और साझा समृद्धि को बढ़ावा मिलेगा।